देश के किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए मध्य प्रदेश सरकार कई सरकारी कल्याणकारी योजनाएं चला रही है और अभी हाल ही में राज्य सरकार ने कस्टम हायरिंग केंद्र खोलने की तारीख को 7 अगस्त से आगे बढ़ा दिया है, जिससे किसानों और युवाओं को राहत मिली है. ऐसे में किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को आसानी से किराये पर कृषि उपकरण उपलब्ध हो सकेंगे. साथ ही राज्य के युवाओं को भी रोजगार की अवसर मिल सकेंगे.
योजना में आवेदन के लिए क्या है पात्रता?
अगर आप अपना खुद का कस्टम हायरिंग केंद्र खोलने की योजना बना रहे हैं, तो इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपकों 12वीं उत्तीर्ण होना जरुरी है और साथ ही आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच में होनी जरुरी है तभी आवेदक इस योजना में आवेदन कर सकता है.
इसके अलावा, आवेदक के पिता के पास यानी की नाम पर कृषि भूमि होना अनिवार्य है. साथ ही आवेदक इस बात का विशेष रुप से ख्याल रखें कि कृषि यंत्री, इन्दौर के नाम से 10,000 का डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) अपने बैंक खाते से बनवाकर आवेदन के दौरान जमा करना होगा.
कितनी मिलेगी सब्सिडी की छूट?
अगर आप मध्य प्रदेश के स्थाई निवासी है और इस कल्याणकारी योजना में इच्छुक है तो आपको बता दे कि राज्य सरकार ने कस्टम हायरिंग इकाई की कुल लागत 25 लाख रूपये निर्धारित की है, जिसके तहत अधिकतम 10 लाख रूपये का अनुदान प्रदान किया जाएगा. यानी की किसान 50 हार्स पावर से अधिक क्षमता का ट्रैक्टर, मल्चर/श्रेडर/रेटुन मैनेजर/स्ट्रारीपर, मल्टीक्रॉप या डिस्क हेरो जैसे आवश्यक कृषि उपकरणों को खरीदना जरुरी होगा.
आवेदन की अंतिम तारीख
अगर आप अपना खुद का कस्टम हायरिंग केंद्र खोलने का सोच रहे हैं, तो आपके पास सुनहरा अवसर है. मध्य प्रदेश सरकार ने निजी कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थापना के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए है. अगर आप इस सरकारी योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो 21 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और इस सरकारी सुविधा का फायदा उठा कर आय में कुछ इजाफा कर सकते हैं.
कैसे करें योजना में अप्लाई?
अगर आप मध्य प्रदेश के किसान है तो यह योजना आपके लिए मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है. साथ ही राज्य सरकार ने बड़वानी जिले के लिए कुल 21 केंद्रों का लक्ष्य आवंटित किया है. ऐसे में अगर आप इस कल्याणकारी योजना में इच्छुक है, तो आप विभागीय पोर्टल www.chc.mpdage.org पर जाकर आसानी से आवेदन कर सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह