Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 6 December, 2022 5:35 PM IST
लखीमपुर खीरी हिंसा मालमे में 14आरोपियों पर आरोप तय

Lakhimpur Kheri Violence: लखीमपुर खीरी के बहुचर्चित तिकुनिया हत्या मामले में कोर्ट ने अशीष मिश्रा समेत 14 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं. कोर्ट ने सभी आरोपियों पर हत्या का प्रयास करने समेत कई गंभीर धाराओ में आरोपी बनाया है.
इस मामले में केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा मुख्य आरोपी है. इस हिंसा में चार किसानों सहित 8 लोगों की मौत हो गई थी.

एक दिन पहले हुई थी आरोपियों की एप्लिकेशन खारिज

कोर्ट ने एक दिन पहले ही यानी 5 दिसंबर को आशीष मिश्रा के अलावा 13 अन्य आरोपियों की डिस्चार्ज एप्लिकेशन को खारिज कर दिया था. इन आरोपियों ने कोर्ट में याचिका के जरिए अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि हम घटना में शामिल नहीं थे. इसलिए हम पूरी तरह निर्दोष हैं, लेकिन कोर्ट ने आरोपियों की याचिका को खारिज कर दिया है.

इन धारों में आरोपियों पर आरोप तय

मिली जानकारी के मुताबिक एडीजे फर्स्ट सुशील श्रीवास्तव की कोर्ट में धारा 147, 148, 149, 326, 30, 302, 120 B, 427 और धारा 177 में आरोप तय किए हैं. सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त आधार पाए गए हैं. इसके अलावा आरोपी सुमित जायसवाल के खिलाफ धारा 3/25, आशीष मिश्र, अंकितदास, लतीफ व सत्यम पर धारा 30, नन्दन सिंह विष्ट पर धारा 5/27 का भी आरोप तय हुआ है.

लखीमपुर खीरी हिंसा का मुख्य आरोपी अशीष मिश्रा

जानें क्या था पूरा मामला

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले में 3 अक्टूबर 2021 को केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान सड़क पर उतर आए थे, किसानों का आरोप है कि केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने विरोध कर रहे किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी. इसके बाद हिंसा हुई थी और इस हिंसा में चार किसान समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी.

यूपी चुनाव के बाद मिल गई थी जमानत

वहीं यूपी विधानसभा चुनाव के बाद कोर्ट ने आशीष मिश्रा को जमानत दे दी थी और आशीष मिश्रा जेल से बाहर आ गया था. जमानत होने पर आशीष मिश्रा की रिहाई का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और सर्वोच्च न्यायालय ने जमानत रद्द करते हुए ये केस इलाहाबाद हाईकोर्ट में नए सिरे से विचार के लिए भेज दिया था. इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत याचिका रद्द कर दी थी. जमानत याचिका खारिज होने के बाद आशीष मिश्रा मोनू ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. लेकिन उसे सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली.

English Summary: Court charges framed Lakhimpur Kheri Violence accused
Published on: 06 December 2022, 05:40 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now