आज के समय में जिस तरह से बेरोजगारी बढ़ती जा रही है और पढ़ें लिखे युवाओं को भी नौकरी पाने के लिए भटकना पड़ रहा है. अब ऐसा नहीं होगा फिरोजाबाद में माटी कला बोर्ड और खादी ग्रामोद्योग विभाग मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए ₹10 लाख तक लोन और फ्री मशीनों की सुविधा प्रदान कर रहा है. यानी की यूपी के लोगों बेहद ही आसान तरीके से इस बिजनेस की शुरुआत कर लाखों की इनकम अर्जित कर सकते हैं.
योजना में क्या-क्या मिलेगा फ्री?
अगर आप इस सरकारी योजना में इच्छुक है और इस योजना में शामिल होते हैं तो इसस योजना के तहत आपको मिट्टी के बर्तन बनाने वाली फ्री विद्युत चाक (Electric Wheel), मिट्टी गूंथने की मशीन आवश्यक टूलकिट अन्य उपयोगी उपकरण सब फ्री मिलेंगे साथ ही आप इस योजना में फ्री मशीन तभी प्राप्त कर सकते हैं जब आप ‘सीएम माटी कला टूलकिट योजना’ में अपना आवेदन करते हैं. यानी विभागीय पोर्टल पर अप्लाई करना इस योजना में बेहद ही जरुरी है.
योजना में कितना मिलेगा अनुदान?
अगर आप अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहता है या बड़ी यूनिट स्थापित करना चाहता है, तो सरकार ₹1 लाख से ₹10 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराती है. पात्र लाभार्थियों को योजना के नियमों के अनुसार 95 प्रतिशत तक अनुदान भी दिया जा रहा है, जिससे व्यवसाय शुरू करने का आर्थिक बोझ काफी कम हो जाता है.
प्रशिक्षण की भी सुविधा
अगर आप इस बिजनेस की शुरुआत करते हैं तो योजना के तहत केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि व्यवसाय को सफल बनाने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थियों को आधुनिक तकनीक, बेहतर डिजाइन, उत्पादन प्रक्रिया और उत्पादों की मार्केटिंग से जुड़ी जानकारी दी जाती है.
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को कुछ पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी-
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आयु 18 से 55 वर्ष के बीच हो.
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उत्तर प्रदेश का निवासी हो.
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माटीकला या स्वरोजगार आधारित व्यवसाय शुरू करने की इच्छा रखता हो.
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योजना की अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करता हो.
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
इच्छुक उम्मीदवार उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.
आवेदन प्रक्रिया इस प्रकार है-
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सबसे पहले आप upmatikalaboard.in आधिकारिक पोर्टल पर जाएं.
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इसके बाद सीएम माटीकला योजना या संबंधित योजना का चयन करें.
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फिर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें.
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इसके बाद आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें.
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आवेदन जमा करने के बाद उसकी रसीद सुरक्षित रखें.
विभाग द्वारा आवेदन की जांच के बाद पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ प्रदान किया जाता है.
किन क्षेत्रों में मिल सकती है अच्छी कमाई?
मिट्टी से बने उत्पादों की मांग केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है. फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा सहित कई शहरों में इन उत्पादों की अच्छी बिक्री होती है. इसके अलावा धार्मिक आयोजनों, त्योहारों, होटलों, चाय की दुकानों और ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर भी कुल्हड़, दीये, गमले और सजावटी सामान की मांग लगातार बढ़ रही है.
यदि सही गुणवत्ता और आकर्षक डिजाइन के साथ उत्पाद तैयार किए जाएं, तो यह व्यवसाय हर महीने अच्छी आय का स्रोत बन सकता है.
लेखक: रवीना सिंह