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Updated on: 4 April, 2025 6:14 PM IST
आई॰सी॰ए॰आर॰ फ्फ्युजीकांट केला में पनामा विल्ट

आई॰सी॰ए॰आर॰ फ्फ्युजीकांट केला में पनामा विल्ट के वरदान साबित हो रहा है. आई॰सी॰ए॰आर॰ फ्फ्युजीकांट ट्राईकोडर्मा रेसाई का एक लाभकारी स्ट्रेन है. जिसका विकास कैंवेडिस प्रजाति के केला में पनामा विल्ट के नियंत्रण हेतु राष्ट्रीय शुष्क बागवानी संस्थान, लखनऊ में विकसित किया है. यह केला के अन्य प्रजातियों में भी सामान्य रूप से असरकारक है. वर्ष 2023 में कृषि विज्ञान केन्द्र, सबौर, भागलपुर ऑन फार्म ट्रायल के अन्तर्गत आई॰सी॰ए॰आर॰ फ्फ्युजीकांट को कुछ चयनित किसानों जैसे संबलु कुमार, तुलसीपुर, खरीक, कन्हैया कुमार, तुलसीपुर, प्रिंस कुमार इत्यादि ने ट्रायल के अंतर्गत प्रारम्भिक अवस्था केला लगाते समय पौधे एवं गढ़्डे का उपचार किया.

इसमें 200 लीटर पानी में चार किग्रा आई॰सी॰ए॰आर॰ फ्फ्युजीकांट, आधा किग्रा गुड़ अच्छे से मिलाकर 72 घंटे तक इसे लगातार चलाते रहते है. ये सारे कार्यों का सम्पादन छाया वाले स्थान में करना चाहिए. घोल तैयार होने उपरान्त पौधा को बांल सहित आई॰सी॰ए॰आर॰ फ्फ्युजीकांट के घोल में डूबाकर रखते है. पुनः लगाने के उपरान्त घोल को गढ्ढे में भी प्रवाहित (ड्रेंच) करते है.

ध्यान रखने योग्य बात यह है कि इसे किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरक एवं रसायन के साथ प्रयोग में नहीं लाना चाहिए. अगर किसान रासायनिक उर्वरक एवं रसायन का प्रयोग करते हैं तो कम से कम 15 दिनों का अन्तराल रखें. सी॰आई॰एस॰एच॰ के निदेशक डॉ॰ टी॰ दामोदरण आवश्यकता पड़ने किसानों के साथ जूम पर जुड़ते है और उनका मार्गदर्शन कर रहें है. भागलपुर में केला का उत्पादन मुख्यतः खरीक, नवगछिया, गोपालपुर, बिहपुर में बड़े पैमाने पर हो रही है. किसान सबलु कुमार बताते हैं कि आई॰सी॰ए॰आर॰ फ्फ्युजीकांट का प्रयोग पनामा विल्ट से परेशान किसानों के लिए एक बहुत बड़ी राहत है.

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर डॉ॰ डी॰आर॰ सिंह ने कहा कि आई॰सी॰ए॰आर॰ फ्फ्युजीकांट केला उत्पादक किसानों के लिए एक वरदान है. पनामा विल्ट से केला उत्पादक किसानों को उत्पादन के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है. आई॰सी॰ए॰आर॰ फ्फ्युजीकांट के प्रयोग से किसानों को उत्पादन में होने वाले नुकसान को नियंत्रित कर आर्थिक लाभ बढ़ाने में सहयोग करेगा. साथ ही उन्होंने वैज्ञानिकों को बड़े पैमाने पर प्रत्यक्षण करने का निर्देश दिया है, जिससे किसान उसका अधिक से अधिक लाभ मिल सके.

कृषि विज्ञान केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ॰ राजेश कुमार ने इस सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए आई॰सी॰ए॰आर॰ फ्फ्युजीकांट प्रत्यक्षण को केन्द्र के कार्य योजना में शामिल किया जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में कृषि विज्ञान केन्द्र, सबौर, भागलपुर कृषकों के उत्थान में नए अध्याय को जोड़ने का काम करेगी.

English Summary: Biopesticide vaccine ICAR-Fuzicant is proving to be a boon for Panama wilt in banana method of use
Published on: 04 April 2025, 06:21 PM IST

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