Success Story: बस्तर की मिट्टी से उभरी महिला एग्रीप्रेन्योर अपूर्वा त्रिपाठी, हर्बल उत्पादों से बना रहीं वैश्विक पहचान 16-17 अप्रैल को आयोजित होगा MIONP 2026: भारत को ऑर्गेनिक और लाभकारी कृषि की ओर ले जाने की पहल कृषि में मशीनों के उपयोग में STIHL की भूमिका: भारतीय खेती के लिए आधुनिक समाधान Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 23 March, 2026 6:27 PM IST
बिहार नर्सरी एवं ग्रीन-टेक कॉन्क्लेव, 2026के भव्य समापन की झलक

पटना- उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग, बिहार, सरकार द्वारा ज्ञान भवन, पटना में आज आयोजित तीन दिवसीय (21-23 मार्च, 2026) बिहार नर्सरी एवं ग्रीन-टेक कॉन्क्लेव, 2026 के समापन के अवसर पर प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार नर्मदेश्वर लाल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि बिहार में नर्सरी से संबंधित राष्ट्रीय स्तर का यह पहला आयोजन था। उन्होंने बागवानी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्राकृतिक पेड़ पौधे एवं पशु पक्षियों के बीच रहने से तनाव कम रहता है और स्वास्थ्य अच्छा रहता है। इस आयोजन से राज्य में नर्सरी के समग्र विकास के साथ देश स्तर पर नर्सरी व्यवसाय को स्थापित करने, किसानों की समृद्धि एवं प्रदेश के विकास के लिए एक सुअवसर प्रदान किया है। 

उन्होंने कहा कि नर्सरी से जुड़े सभी हितधारकों, किसानों, शोधकर्त्ता, उद्यमी, नीति निर्माता, निर्यातक और आमजन ने हजारों की संख्या में भाग लेकर बिहार नर्सरी एवं ग्रीन-टेक कॉन्क्लेव, 2026 को एक स्मरणीय और सफल उत्सव बना दिया। यह आयोजन ‘परम्परा से प्रगति’ के अपने उद्देश्य को मूर्त्त रूप देने में सफल रहा। 

मुझे अपार खुशी है कि इस कॉन्क्लेव में राज्य के 50 हजार से अधिक नर्सरी से जुड़े किसान/आगन्तुक आये। दर्शकों ने विभिन्न प्रकार के पौधे एवं नर्सरी से जुड़े सामग्रियों की लगभग 45 लाख रूपये से अधिक की खरीदारी की। प्रवाह - Pedaling to Prosperity, गंगा प्रहरी - जूनियर आगन्तुकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा। 

उन्होंने कहा कि तीन दिनों तक चले उद्यान की पाठशाला के तहत् तकनीकी सत्र, चाणक्य हॉर्टी-पिच के माध्यम से स्टार्टअप को समर्थन, बिहार के युवाओं और महिलाओं में उद्यम की ऊर्जा का संचार हुआ। इन सत्रों में एपेडा, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के प्रतिनिधियों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने भाग लेकर किसानों को व्यावहारिक समाधान और नर्सरी से जुड़े नवाचारों से अवगत कराया। 

बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि राज्य के अंदर नर्सरी में उद्यम विकास की अपार सम्भावनाएँ है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने हेतु प्रयास कर रही हैं। राज्य के युवा उद्यमी एवं नर्सरी से जुड़े व्यावसायी को नवीनत्तम तकनीक से बिहार के बागवानी विकास को एक नई दिशा मिलेंगी। 

इस अवसर पर विशेष सचिव शैलेंद्र कुमार, निदेशक उद्यान  अभिषेक कुमार, अपर निदेशक (शष्य)  धनंजयपति त्रिपाठी, निदेशक, पी॰पी॰एम॰  संतोष कुमार उत्तम सहित कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के वरीय पदाधिकारी, बिहार के नर्सरी से जुड़े किसान एवं व्यवसायी उपस्थित थे।

English Summary: Bihar Nursery Green-Tech Conclave 2026 Grand Conclusion
Published on: 23 March 2026, 06:32 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now