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Updated on: 5 October, 2026 5:32 PM IST

राज्य में गेंदा फूल की खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यान निदेशालय ने गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना शुरू की है. योजना के तहत किसानों को क्लस्टर आधारित खेती एवं प्रसंस्करण के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी. एक क्लस्टर का क्षेत्रफल 25 हेक्टेयर होगा. इसमें रबी एवं खरीफ मौसम में गेंदा फूल की खेती कराई जाएगी. योजना के लिए आवेदन 15 सितंबर से शुरू हो चुका है और 31 दिसंबर 2026 तक किया जा सकता है.

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में फूलों की खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना के माध्यम से किसानों को क्लस्टर आधारित खेती के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है. इससे गेंदा फूल की खेती को संगठित रूप देने के साथ इसके परिवहन और विपणन को भी बढ़ावा मिलेगा. किसानों को योजना का लाभ लेकर फूलों की खेती को आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में अपनाना चाहिए.

40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान

उन्होंने बताया कि योजना के तहत गेंदा फूल की खेती के लिए 80 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की इकाई लागत निर्धारित की गई है. इस पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा. इस आधार पर किसान को अधिकतम 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान मिल सकेगा. एक किसान न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर और अधिकतम दो हेक्टेयर तक योजना का लाभ ले सकते है.

एक पंचायत या दो समीपवर्ती पंचायतों में बनेगा क्लस्टर

माननीय कृषि मंत्री ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान को निर्धारित क्लस्टर में ही आवेदन करना होगा. एक क्लस्टर का क्षेत्रफल 25 हेक्टेयर होगा और इसका चयन एक पंचायत अथवा दो समीपवर्ती पंचायतों के आधार पर किया जाएगा. किसान के पास गेंदा फूल की खेती के लिए भूमि उपलब्ध होना आवश्यक है. जिन किसानों के पास अपनी भूमि नहीं है, वे निर्धारित एकरारनामा के आधार पर योजना का लाभ ले सकेंगे. भूमि दस्तावेज में आवेदक का नाम स्पष्ट नहीं होने पर वंशावली प्रस्तुत करनी होगी.

मालवाहक वाहन पर भी मिलेगा अनुदान

उन्होंने कहा कि गेंदा फूल के परिवहन के लिए मालवाहक वाहन की खरीद पर भी अनुदान का प्रावधान है. वाहन की अधिकतम लागत 3.25 लाख रुपये मानी जाएगी. वास्तविक वाहन मूल्य या 3.25 लाख रुपये, जो भी कम हो, उस पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा. मालवाहक वाहन का लाभ केवल गेंदा फूल की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा.

वाहन अनुदान के लिए आवेदन करते समय वाहन का कोटेशन, जमीन के कागजात और गेंदा फूल की खेती से संबंधित एकरारनामा एक साथ अपलोड करना होगा. योजना के लिए एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र) तथा भूमि उपलब्ध नहीं होने वाले किसानों के लिए एकरारनामा आवश्यक दस्तावेज हैं.

English Summary: bihar marigold flower farming production processing scheme 40 thousand subsidy per hectare
Published on: 05 October 2026, 05:33 PM IST

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