उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग, बिहार द्वारा आयोजित बागवानी महोत्सव–2026 बिहार के किसानों, महिलाओं, युवाओं और उद्यमियों के लिए तकनीक-बाजार-रोजगार का समेकित मंच है. यह महोत्सव किसानों को उन्नत किस्मों, गुणवत्तापूर्ण पौध/बीज, आधुनिक संरक्षित खेती (पॉली हाउस/शेडनेट), प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, पैकेजिंग, भंडारण तथा विपणन से जोड़कर घर-घर समृद्धि का रास्ता प्रशस्त करेगा.
महोत्सव में राज्य भर से लगभग 1500 किसानों की सहभागिता तथा 60 से अधिक स्टॉल/प्रदर्शनी (10,000 से अधिक प्रदर्शन) के माध्यम से फल, फूल, सब्जियाँ, मशरूम, मखाना, मधु, औषधीय एवं सुगंधीय पौधों सहित विविध बागवानी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है. आगंतुक उच्च गुणवत्ता की नर्सरी, बीज/रोपण सामग्री, बागवानी यंत्र तथा फल-सब्जी के प्रसंस्कृत उत्पादों का प्रदर्शन सहित क्रय करने का अनुभव भी प्राप्त कर सकते हैं.
मुख्य आकर्षण
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नई तकनीक व नई किस्मों का जीवंत प्रदर्शन, प्रत्यक्षण तथा विशेषज्ञ परामर्श.
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उच्च मूल्य वाली खेती: स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट, चेरी टमाटर, बीजरहित खीरा, रंगीन शिमला मिर्च, जरबेरा व उन्नत गुलाब जैसी फसलों पर मार्गदर्शन.
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प्रसंस्करण, कोल्ड-चेन, पैकेजिंग और बाजार सम्बद्धता हेतु कृषक समूहों, स्टार्ट-अप तथा क्रेता-विक्रेता सम्बद्धता.
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राज्य में फल एवं सब्जी के विकास हेतु दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सहित मधु, स्ट्रॉबेरी, चाय, शुष्क बागवानी, आम आदि पर प्रशिक्षण/प्रत्यक्षण की जानकारी.
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बागवानी योजनाओं/अनुदान से जुड़ने के लिए विभागीय हेल्पडेस्क.
बिहार में लगभग 13.48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलों की खेती होती है और करीब 287 लाख टन उत्पादन प्राप्त हो रहा है. राष्ट्रीय स्तर पर मखाना, लीची एवं मशरूम उत्पादन में बिहार की पहचान अग्रणी राज्यों में है—यह हमारी “मेहनत की मिट्टी” का प्रमाण है.
प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार सरकार का संदेश
“बागवानी महोत्सव–2026 हमारे किसान भाइयों-बहनों की मेहनत का उत्सव है. यह केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और ‘खेती को उद्यम’ बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है. सरकार की प्राथमिकता है कि किसान को गुणवत्तापूर्ण पौध, आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण-सुविधा और बाजार तक सीधी पहुंच मिले. आइए—सीखें, जुड़ें और बिहार के हर किसान परिवार के घर समृद्धि की लौ जलाएं.
किसान, एफपीओ, स्वयं सहायता समूह, उद्यमी, कृषि-स्टार्ट-अप, छात्र-छात्राएं एवं आम नागरिक महोत्सव में पधारकर तकनीकी नवाचार और रोजगार/उद्यम के अवसरों का लाभ उठाएं.