आजकल गांव से लेकर शहरों तक में लोग रूफटॉप गार्डनिंग करने का शौक रखते हैं, लेकिन वह इसे बड़े पैमाने पर नहीं कर पाते कारण होता है सही समय पर संसाधनों का न मिलना और इसी को देखते हुए बिहार सरकार रूफटॉप गार्डनिंग स्कीम के तहत 75% तक सब्सिडी की छूट दें रही है, जिसके तहत ₹45,000 का बड़ा लाभ होगा. यानी की अब सरकारी मदद से घर की छत पर बड़े पैमाने पर आसानी से सब्जियां उगाई जा सकती है. चलिए आगे इस लेख में जानते हैं क्या है यह योजना और कैसे उठा सकते हैं इसका लाभ.
क्या उगाया जा सकता है?
रूफटॉप गार्डनिंग के माध्यम से लोग टमाटर, भिंडी, मिर्च, लौकी, करेला, पालक, मेथी, धनिया जैसी रोजमर्रा की सब्जियां आसानी से उगाई जा सकती हैं. इसके अलावा स्ट्रॉबेरी, नींबू, अमरूद जैसे छोटे फलदार पौधे भी लगाए जा सकते हैं. कई लोग सजावटी फूल और औषधीय पौधे उगाकर छत की सुंदरता और उपयोगिता दोनों बढ़ा रहे हैं.
कितनी मिलेगी सब्सिडी?
अगर आप रूफटॉप गार्डनिंग करने की सोच रहे हैं, तो इस बात को समझ लें कि योजना के मुताबिक एक यूनिट की अनुमानित लागत ₹60,000 तय की गई है. इस पर सरकार 75% यानी अधिकतम ₹45,000 तक की सब्सिडी प्रदान करेगी. शेष राशि लाभार्थी को स्वयं वहन करनी होगी.
किन शहरों में लागू है योजना?
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पटना सदर
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दानापुर
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फुलवारी
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बिहटा
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खगौल इसके अलावा, भागलपुर, गया और मुजफ्फरपुर के निवासी भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं.
कौन कर सकता है आवेदन?
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आवेदक बिहार के शहरी क्षेत्र का निवासी होना चाहिए.
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इसके अलावा, अपना घर या अपार्टमेंट में फ्लैट होना भी जरुरी है.
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अगर आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपके घर की छत 300 वर्ग फीट की खाली होनी चाहिए.
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साथ ही छत मजबूत व सुरक्षित हो, ताकि फार्मिंग बेड का भार सह सकें.
योजना शुरु करने का क्या उद्देश्य है?
सरकार ने इस योजना की शुरुआत इसलिए की ताकि, जिस तरह लोग रसायन वाली सब्जियों का सेवन बड़ी मात्रा में कर रहे हैं. इससे लोगों की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है. साथ ही सरकार यह चाहती है कि लोग अपनी खाली छतों का इस्तेमाल कर छोटे स्तर पर सब्जी की खेती करें ताकि परिवार की सेहत भी ठीक रहें और परिवार खर्च भी कुछ हद तक कम हो. इसके अलावा, छत पर पौधारोपण करने से माइक्रोक्लाइमेट बेहतर रहेगा है, जिससे घर के तापमान में कमी आती है.
लेखक: रवीना सिंह