बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले लाखों लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने पेंशन वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व समयबद्ध बनाने के लिए अहम फैसला लिया है. अब बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को हर महीने की 10 तारीख तक उनके बैंक खातों में पेंशन की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी. साथ ही यह महत्वपूर्ण फैसला पटना में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया.
इंतजार खत्म, तय समय पर मिलेगा पैसा
अब तक पेंशनधारकों को हर महीने यह चिंता रहती थी कि पैसा कब आएगा. कई बार देरी होने के कारण उन्हें बैंक के चक्कर लगाने पड़ते थे. नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी. सरकार का मानना है कि समय पर पेंशन मिलने से लाभार्थियों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और उन्हें दैनिक जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया निर्णय
यह महत्वपूर्ण फैसला पटना में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर प्रस्तुतीकरण दिया. इसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन, समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल थीं.
पोषण और बच्चों के विकास पर जोर
बैठक में बच्चों के पोषण स्तर को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ‘स्टंटिंग’ और ‘वेस्टिंग’ जैसी समस्याएं चिंता का विषय हैं और इनसे निपटना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है. उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार और सेवाओं की निगरानी को मजबूत करने के निर्देश दिए. साथ ही तकनीक के जरिए इन सेवाओं की ट्रैकिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया.
आंगनबाड़ी व्यवस्था में सुधार के निर्देश
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए कई निर्देश दिए. उन्होंने सेविका और सहायिका की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, बच्चों की 100 प्रतिशत उपस्थिति पर ध्यान देने और पोषण सामग्री के सही वितरण की निगरानी करने को कहा. इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए निजी क्षेत्र के सहयोग की संभावनाएं भी तलाशने के निर्देश दिए गए हैं.
‘परवरिश योजना’ की भी होगी समीक्षा
सरकार ने कमजोर वर्गों के बच्चों के लिए चलाई जा रही ‘परवरिश योजना’ सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की वित्तीय सहायता की भी समीक्षा करने का फैसला किया है. इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएं.
खाली पदों पर जल्द होगी भर्ती
बैठक में यह भी सामने आया कि विभाग में कई पद खाली हैं, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ रहा है. इस पर मुख्यमंत्री ने जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए. साथ ही सरकार का मानना है कि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने से योजनाओं को जमीन पर बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा.
लेखक: रवीना सिंह