गन्ने की खेती भारत में बड़े पैमाने पर किसान करते हैं, क्योंकि गन्ने की खेती में मेहनत कम होती और मुनाफा अधिक इसलिए किसानों की पसंदीदा फसल गन्ना है. ऐसे में बिहार सरकार ने राज्य में गन्ने के उत्पादन में बढ़ोतरी करने के लिए एक विशेष कदम उठाया है गन्ना यंत्रीकरण योजना की शुरुआत करके जिसके तहत सरकार 324 चयनित किसानों को कृषि मशीनों की खरीद पर 50 से 60 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान कर रही है.
कितनी प्रकार की मशीनों पर मिलेगा अनुदान?
बिहार सरकार ने गन्ना यंत्रीकरण योजना की शुरुआत इसलिए की ताकि किसान इस योजना के माध्यम से कम लागत में आय में इजाफा कर सकें. बता दें कि इस योजना में राज्य सरकार ने कुल 11 प्रकार की मशीनों को शामिल किया है. इनमें डिस्क हैरो, पावर वीडर, पावर टिलर, लैंड लेवलर, लेजर लेवलर, रैटून मैनेजमेंट डिवाइस, रोटावेटर, मिनी ट्रैक्टर (4WD), ट्रैक्टर माउंटेड हाइड्रॉलिक स्प्रेयर, शुगरकेन कटर प्लांटर और हाइड्रॉलिक डिस्क हैरो प्रमुख हैं. इन उपकरणों की मदद से किसान भाई जुताई, समतलीकरण, बुवाई, उर्वरक/कीटनाशी छिड़काव और कटाई जैसे कार्य अधिक सटीक, तेज और कम लागत में कर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं और साथ ही 50 से 60 प्रतिशत तक सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं.
यंत्रीकरण कैंप का कहां आयोजन किया गया है?
बिहार सरकार ने इस योजना के प्रसार-प्रचार के लिए चीनी मिलों में यंत्रीकरण कैंप का आय़ोजन किया है, ताकि किसान इस योजना से माध्यम से समय रहते मशीनों की बुकिंग कर लें. साथ ही सरकार ने राज्य के इन मिलों में बगहा, लौरिया, मझौलिया, नरकटियागंज, हरिनगर, सुगौली, सिधवलिया, हसनपुर और रीगा में कैंपों का आयोजन किया है.
इसके अलावा, राज्य के कई किसानों ने इस योजना के तहत कैंपों की मदद से यंत्रीकरण की बुकिंग प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया है.
किसानों को क्या फायदा होगा?
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किसान भाई अगर इस योजना में आवेदन करते हैं तो लागत में कमी मैनुअल श्रम पर निर्भरता घटने से मजदूरी खर्च कम होगा और आमदनी बढ़ेगी.
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इन यंत्रों के माध्यम से समय की बचत कम समय में अधिक क्षेत्र में कार्य संभव होगा.
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किसानों अगर इन यंत्रों का उपयोग करेंगे तो उपज में वृद्धि सटीक कृषि पद्धतियों से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी.
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इन मशीनों की मदद से गुणवत्ता सुधार समतलीकरण और नियंत्रित छिड़काव से फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी.
कैसे करें योजना में अप्लाई?
अगर आप भी गन्ने की खेती करते हैं और गन्ना यंत्रीकरण योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो परेशान होने की बिल्कुल भी जरुरत नहीं है. विभाग का संकेत है कि आने वाले महीनों में अन्य जिलों और मिल क्षेत्रों में भी ऐसे कैंप आयोजित किए जाएंगे. अगर आप इस योजना में अप्लाई करना चाहते हैं तो अपने नजदीकी गन्ना उद्योग विभाग कार्यालय, संबंधित चीनी मिल या जिला कृषि पदाधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं और आवेदन प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और सब्सिडी से जुड़ी सभी जानकारी पा सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह