सहारनपुर के सब्जी और दालों की खेती करने वाले किसानों को यूपी सरकार ने बड़ी सौगात दी है. अक्सर जब भी किसान दाल या फिर सब्जियों की खेती करते हैं, तो उनकी फसलों को उड़ने वाले कीट (फ्लाइंग इंसेक्ट) खराब कर देते है. ऐसे में किसानों को महंगे कीटनाशकों की जरुरत होती है, ताकि वह उन कीटों से अपनी फसलों को बर्बाद होने से बचा सकें, लेकिन अब किसानों को महंगे कीटनाशकों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, क्योंकि कृषि विभाग 'सोलर लाइट ट्रैप' पर 75% भारी अनुदान प्रदान कर रहा है. आगे इसी क्रम में जानें कैसे इस सब्सिडी का लाभ मिलेंगा.
क्यों खास है यह यंत्र?
किसान भाई अगर 'सोलर लाइट ट्रैप' की खरीद करते हैं तो इससे अपनी फसलों का बचाव कर सकते हैं. बता दें कि सोलर लाइट ट्रैप एक खास ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जो सूरज की रोशनी से चलता है. यानी सूरज की रोशनी से चार्ज होकर रात में उड़ने वाले कीटों को इस यंत्र की लाइट अपनी अपनी ओर खींच लेती है और कीट इसकी तेज रोशनी के कारण इसकी तरफ खींच कर पानी में गिरकर मर जाते हैं.
कितनी मिलेगी सब्सिडी?
अब किसानों को कीटनाशक खर्च नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि सरकार सोलर लाइट ट्रैप उपकरण पर दें रही है 75 प्रतिशत सब्सिडी की छूट. अगर इस उपकरण की असली कीमत की बात करें तो लगभग 635 रुपये है, लेकिन अब यह यंत्र किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी के साथ मात्र 159 रुपये में मिलेगा. साथ ही इससे किसानों की लागत घटेगी और आमदनी में इजाफा होगा.
जिले के हर ब्लॉक में किसानों के लिए उपलब्ध सोलर लाइट ट्रैप
जिले के हर ब्लॉक में किसानों के लिए सोलर लाइट ट्रैप उपलब्ध कराए गए हैं. कृषि विभाग ने फसलों को कीटों से बचाने और रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की है. विभाग का कहना है कि इस तकनीक के जरिए किसान कम लागत में अपनी फसलों की बेहतर सुरक्षा कर सकते हैं.
लाभ लेने के लिए यहां करें संपर्क
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस तकनीक का अधिक से अधिक लाभ उठाएं. जो किसान सोलर लाइट ट्रैप प्राप्त करना चाहते हैं, वे अपने नजदीकी ब्लॉक कार्यालय या कृषि रक्षा इकाई से संपर्क कर सकते हैं और इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह