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Updated on: 8 April, 2026 1:41 PM IST
मखाना विकास योजना (Image Source-AI generate)

देश में खेती को मुनाफे का सौदा बनाने के लिए सरकार लगातार कई सरकारी योजनाएं निकाल रही है. इसी क्रम में बिहार सरकार की मखाना विकास योजना 2026-27 किसानों और उद्यमियों के लिए एक बड़ा अवसर बनकर सामने आई है. 'सफेद सोना' कहे जाने वाले मखाना की बढ़ती घरेलू और वैश्विक मांग ने इसे अब सिर्फ खेती नहीं, बल्कि एक मजबूत एग्री-बिजनेस मॉडल में बदल दिया है.

इस योजना के तहत सरकार उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और निर्यात तक हर स्तर पर भारी सब्सिडी दे रही है. आइए जानें सब्सिडी का पूरा गणित.

क्यों बढ़ रहा है मखाना का क्रेज?

मखाना को आज ‘सुपरफूड’ की श्रेणी में रखा जाता है. हेल्थ कॉन्शियस लोगों के बीच इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है. भारत, खासकर बिहार, दुनिया के कुल मखाना उत्पादन का लगभग 80-90% हिस्सा देता है. ऐसे में सरकार इस सेक्टर को और मजबूत कर किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस कर रही है और इसके पीछे के कारण है-

  • हेल्दी स्नैक के रूप में तेजी से लोकप्रिय

  • एक्सपोर्ट मार्केट में बढ़ती मांग

  • पारंपरिक फसलों के मुकाबले ज्यादा मुनाफा

कितनी मिलेगी सब्सिडी?

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है इसकी आकर्षक सब्सिडी स्ट्रक्चर, जो यूनिट के आकार के हिसाब से तय की गई है-

श्रेणी  

सहायता राशि 

मखाना उत्पादन 

₹79,000 

सूक्ष्म प्रोसेसिंग यूनिट 

₹5 लाख  

लघु यूनिट                

₹19.5 लाख

मध्यम यूनिट

₹1.5 करोड़ 

बड़ी यूनिट

₹3.5 करोड़ तक 

इसके अलावा-

  •  फसल प्रबंधन यूनिट: ₹2 लाख

  •  मखाना बिक्री केंद्र: ₹10 लाख तक

  •  ब्रांडिंग/मार्केटिंग: ₹25 लाख तक

  •  निर्यात सर्टिफिकेशन: ₹2.5 लाख

  •  प्रदर्शनी/महोत्सव: ₹25 लाख तक

किसानों के लिए क्या है फायदा?

मखाना विकास योजना किसानों के लिए कई मायनों में गेमचेंजर साबित हो सकती है-

  • अगर किसान इस योजना में शामिल होते हैं तो उनकी आय में 3 से 4 गुना तक बढ़ोतरी हो सकती है.

  • बिहार की इस सरकारी योजना का लाभ सीधा किसानों को मिलेगा यानी की बिचौलियों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी.

  • इस सरकारी योजना का किसानों को यह फायदा होगा की वह खुद का ब्रांड बना सकते हैं.

  • मखाना विकास योजना के तहत स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी होगी.

  • साथ ही यह सरकारी योजना  बिहार के ग्रामीण युवाओं के लिए एग्री-स्टार्टअप शुरू करने का भी बेहतरीन मौका साबित हो सकती है.

वैश्विक बाजार में बढ़ेगा दबदबा

अगर किसान या उद्यमियों को वैश्विक बाजार में अपनी पेठ बनाना चाहते हैं. ऐसे में मखाना की अंतरराष्ट्रीय मांग किसानों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है. यानी की किसान भाई प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग पर ध्यान दें, तो वे सीधे एक्सपोर्ट मार्केट में उतर सकते हैं और तगड़ी आय अर्जित करक सकते हैं. 

आवेदन प्रक्रिया कैसे करें?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक किसान और उद्यमी बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं (https://horticulture.bihar.gov.in)(https://horticulture.bihar.gov.in)

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Bihar government is offering subsidies of up to Rs35 crore for Makhana cultivation
Published on: 08 April 2026, 01:48 PM IST

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