अगर आप भी मशरुम की खेती करने की सोच रहे हैं, तो यह विकल्प आपके लिए लिए सही साबित हो सकता है. बिहार सरकार मशरुम की बढ़ती मांगों को देखते हुए और साथ ही मशरुम उत्पादन बढ़ाने के लिए बिहार जहानाबाद के किसानों को बागवानी विभाग बटन मशरूम की खेती पर 32 लाख तक सब्सिडी मुहैया करवा रही है, इस अनुदान की मदद से किसान अपनी उत्पादन में बढ़ोतरी कर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं और अपनी कमाई में भी डबल कर सकते हैं. आगे इसी क्रम में जानें कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ.
योजना शुरु करने का क्या उद्देश्य है?
राज्य सरकार किसानों के लिए ऐसी योजना इसलिए निकालती है, ताकि इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को ऐसी फसलों की खेती करने के लिए प्रेरित किया जाए, जिनसे कम समय में अधिक आमदनी संभव हो और ऐसे में मशरुम की खेती इस कसौटी पर खरी उतरी है, क्योंकि यह ऐसी फसल है, जिससे किसानों को सालभर उत्पादन की संभावना बनी रहती है.
मशरुम उत्पादन में कौन-कौन से स्ट्रक्चर आवश्यक हैं?
अगर आप बटन मशरूम की व्यावसायिक खेती करने में इच्छुक है, तो इन तीन प्रमुख इकाइयों की आवश्यकता समझे-
1. मशरूम स्पॉन लैब (Spawn Lab)
अगर आप मशरूम स्पॉन लैब लगाने की सोच रहे हैं, यह आपके लिए उचित विकल्प साबित हो सकता है. इसमें उच्च गुणवत्ता वाले बीज (स्पॉन) का उत्पादन है और इसकी लागत करीबन 20 लाख रुपए के करीब आती है और इस पर सब्सिडी 40% यानी लगभग 8 लाख रुपए तक मिलेगी.
2. कंपोस्ट यूनिट (Compost Unit)
अगर आप मशरुम की खेती कर रहे हैं, तो इसमें मशरुम उगाने के लिए पोषक कंपोस्ट तैयार करने में 30 लाख तक की लागत आना आम बात है, जिस पर सब्सिडी 12 लाख रुपए मिलने की पूरी गुजांइश है.
3. वातानुकूलित मशरूम उत्पादन इकाई (AC Production Unit)
इसी प्रकार किसान को वातानुकूलित मशरूम उत्पादन इकाई में अनुमानित लागत 30 लाख रुपए तक आंएगी और सरकार द्वारा अनुदान 12 लाख रुपए तक प्राप्त होगा. इन तीनों इकाइयों पर कुल निवेश लगभग 80 लाख रुपए आता है, जबकि कुल अनुदान 32 लाख रुपए तक किसान भाइयों को प्राप्त हो सकता है.
बैंक-एंडेड सब्सिडी का प्रावधान क्या है?
किसान भाई मशरुम का उत्पादन करने से पहले बैंक-एंडेड सब्सिडी मॉडल को समझ लें इसका मतलब है किसान को पहले बैंक से कम से कम 12 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत कराना होगा और इसके बाद ही अनुदान का लाभ मिलेगा. साथ ही किसानों को सब्सिडी की राशि सीधे ऋण खाते में भेज दी जाएगी.
कौन उठा सकता है फायदा कैसे करें आवेदन?
बिहार सरकार इस योजना के मुताबिक किसानों को पहले बैंक एंडेड सब्सिडी दी जाती है. यानी किसानों को पहले बैंक से लोन प्राप्त करना होगा, उसके बाद सरकार द्वारा किसानों को यह अनुदान मुहैया करवाया जाएगा. इसके अलावा इस योजना का लाभ वह किसान उठा सकते हैं, जिनके पास अपनी खुद की जमीन होगी. यानी की भूमिहीन किसान भाई इस योजना के पात्र नहीं होंगे.
वहीं, अगर आप इस योजना में आवेदन करने की सोच रहे हैं, तो आप इस योजना का लाभ उठाने के लिए https://horticulture.bihar.gov.in/ इस सरकारी वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह