कम बारिश, महंगी खाद और बढ़ती गर्मी: किसानों के लिए क्या है समाधान? Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 14 July, 2026 5:22 PM IST
मछली पालन में बढ़ेगा मुनाफा, एरेटर मशीन खरीदने पर सरकार दे रही 70% तक अनुदान (Image Source-AI generate)

बिहार के किसान खेती-बाड़ी करने के साथ मछली पालन की ओर भी तेजी से बढ़ रहे हैं और अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं. इसी क्रम में बिहार सरकार मछली पालन को अधिक लाभकारी और आधुनिक बनाने के लिए मत्स्य पालकों को बड़ी राहत दे रही है. राज्य सरकार की योजना के तहत एरेटर मशीन (Aerator Machine) खरीदने पर पात्र लाभार्थियों को 70 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है, जिससे उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी और आमदनी में भी इजाफा. आगे पूरी खबर पढ़ें.

एरेटर मशीन क्यों है जरूरी?

मछली पालन में पानी की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. यदि तालाब में घुलित ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen) की मात्रा कम हो जाए तो मछलियों की वृद्धि प्रभावित होती है. कई बार ऑक्सीजन की कमी के कारण मछलियां बीमार पड़ जाती हैं या उनकी मृत्यु भी हो सकती है. ऐसी स्थिति से बचाने के लिए एरेटर मशीन का उपयोग किया जाता है. यह मशीन लगातार पानी में ऑक्सीजन मिलाती रहती है, जिससे तालाब का वातावरण संतुलित बना रहता है. खासतौर पर गर्मियों के मौसम और अधिक घनत्व वाले तालाबों में यह मशीन बेहद उपयोगी साबित होती है.

उत्पादन बढ़ाने में मिलेगी मदद

अगर आप भी इस सरकारी योजना का फायदा उठाकर एरेटर मशीन लगाते हैं, तो  से मछलियां अधिक सक्रिय रहेगी और उनका भोजन ग्रहण करने की क्षमता भी बढ़ेगी और इसका सीधा असर उनकी तेजी से होने वाली ग्रोथ पर पड़ता है. इसके अलावा यह मशीन पानी में जहरीली गैसों का प्रभाव कम करती है, जिससे बीमारियों का खतरा भी घट जाता है.

कितनी  मिलेगी सब्सिडी की छूट?

बिहार सरकार की इस योजना के तहत अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग सब्सिडी निर्धारित की गई है, जो कुछ इस प्रकार है-

  • सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 50% तक सब्सिडी मिलेगी.

  • अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) के मत्स्य पालकों को 70% तक सब्सिडी का लाभ मिलेगा.

इसके अलावा योजना के अनुसार प्रति एकड़ एरेटर मशीन स्थापना की अनुमानित लागत 10.10 लाख रुपये निर्धारित की गई है. यदि कोई पात्र लाभार्थी 70 प्रतिशत सब्सिडी श्रेणी में आता है तो कुल लागत का अधिकांश हिस्सा सरकार वहन करेगी, जबकि किसान को केवल शेष राशि का ही भुगतान करना होगा.

किन किसानों को मिलेगा लाभ?

इस योजना का लाभ बिहार के ऐसे मत्स्य पालकों को मिलेगा जो राज्य में मछली पालन का कार्य कर रहे हैं और पात्रता की शर्तों को पूरा करते हैं. चाहे तालाब स्वयं का हो या लीज पर लिया गया हो, निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन किया जा सकता है.

आवेदन प्रक्रिया क्या है?

इच्छुक किसान और मत्स्य पालक इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए बिहार मत्स्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट  fisheries.bihar.gov.in  पर जाकर आवेदन फॉर्म भरना होगा. इसके अलावा संबंधित जिला मत्स्य कार्यालय से भी योजना की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के बारे में सहायता प्राप्त की जा सकती है.

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड

  •  बैंक खाते का विवरण

  •  पासपोर्ट साइज फोटो

  •  तालाब के स्वामित्व का प्रमाण पत्र या लीज एग्रीमेंट

  •  पहचान एवं निवास संबंधी आवश्यक दस्तावेज

  •  अन्य दस्तावेज, जिनकी मांग विभाग द्वारा की जाए

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Bihar Government Fish Farming 70 Percent Subsidy on Aerator Machine know How to Apply
Published on: 14 July 2026, 05:31 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now