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Updated on: 27 February, 2026 3:04 PM IST
सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मेकेनाइजेशन (SMAM) योजना (Image Source-pixabay)

बिहार सरकार किसानों के लिए कई सरकारी योजनाएं चला रही है, जिससे राज्य के किसानों को बेहद ही लाभ हो रहा है और इस बार होली के इस पावन अवसर पर किसानों को राज्य सरकार ने बड़ी सौगात दी है. सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मेकेनाइजेशन (SMAM) योजना की शुरुआत, जिससे किसानों को बेहद ही बड़ा फायदा होगा. अगर किसान कृषि से जुड़े यंत्रों की खरीद करते हैं, तो इस सरकारी योजना के तहत पा सकते हैं 80 प्रतिशत तक सब्सिडी.

ऑनलाइन लॉटरी से होगा चयन

किसानों के मन में यह सवाल होगा कि कैसे इस योजना में कृषि यंत्र पर सब्सिडी प्राप्त होगी. इस उलझन को हम सुलझा देते हैं. सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मेकेनाइजेशन (SMAM) योजना के तहत कृषि विभाग द्वारा इस योजना पर सब्सिडी OFMAS पोर्टल के माध्यम से दी जाएगी. यानी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी रखी गई, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या भेदभाव की गुंजाइश न रहे. चयनित किसानों को तुरंत स्वीकृति पत्र जारी कर दिए गए हैं, जिससे वे निर्धारित समयसीमा में संबंधित यंत्र खरीद सकें.

किन-किन यंत्रों पर मिल रही है सब्सिडी?

सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मेकेनाइजेशन (SMAM) योजना किसानों के लिए किसी लॉटरी से कम नहीं. राज्य सरकार किसानों को 91 तरह के कृषि यंत्रों पर सब्सिडी प्रदान कर रही है, जिन पर 40% से 80% तक अनुदान दिया जा रहा है. इसमें छोटे किसानों से लेकर बड़े किसानों तक सभी के लिए कृषि मशीनें शामिल है, जिनमें है-

  • ट्रैक्टर और पावर टिलर

  • जुताई उपकरण में कल्टीवेटर, रोटावेटर, डिस्क हैरो और लेवलर यंत्र शामिल है.

  • बुवाई के यंत्र में सीड ड्रिल, पोटैटो प्लांटर और ट्रांसप्लांटर जैसे आधुनिक यंत्र

  • कटाई के उपकरण रीपर और कंबाइन हार्वेस्टर जैसे उपकरणों पर अनुदान मिलने से किसान कटाई का समय और श्रम लागत दोनों कम कर सकते हैं.

  • इसी तरह बिहार के किसानों को इस सरकारी योजना के तहत अन्य कई कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान मुहैया कराया जा रहा है.

समूह आधारित योजनाओं को भी बढ़ावा

बिहार सरकार SMAM योजना सिर्फ व्यक्तिगत किसानों तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि समूह आधारित कृषि को भी प्रोत्साहित कर रही है और सरकार ने विभिन्न सामूहिक योजनाओं के तहत भी भारी सब्सिडी की व्यवस्था की है:

1. कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC)

बिहार सरकार राज्य में कस्टम हायरिंग सेंटर करीबन 267 केंद्र स्थापित कर किसानों को किराये पर मशीनें मुहैया करवाएंगी. बता दें कि इन सेंटर की 10 लाख रुपये की लागत पर 40% (अधिकतम 4 लाख रुपये) तक सब्सिडी दी जाएगी.

2. फार्म मशीनरी बैंक

इसी प्रकार 10 लाख रुपये की लागत पर 80% (अधिकतम 8 लाख रुपये) तक अनुदान. इससे किसान समूहों को सामूहिक रूप से मशीनरी उपलब्ध कराई जाती है.

3. स्पेशल CHC (फसल अवशेष प्रबंधन)

कृषि विभाग 20 लाख रुपये की लागत पर 80% (अधिकतम 12 लाख रुपये) तक सब्सिडी स्पेशल CHC (फसल अवशेष प्रबंधन) को मुहैया करवाई जाएगी. साथ ही इस योजना को 15 जिलों में पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए लागू किया गया है.

ऐसे देखें अपना नाम

अगर आपने भी SMAM योजना में आवेदन किया है, तो आप OFMAS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नंबर या पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज कर स्टेटस चेक कर सकते हैं. साथ ही कृषि विभाग ने चयनित किसानों के अलावा, अधिक संख्या में प्रतीक्षा सूची भी जारी की गई है, ताकि रिक्त स्थानों पर अन्य किसानों भी इस योजना का लाभ मिल सकें.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Bihar farmers will get up to 80 percent subsidy Under the SMAM scheme on 91 agricultural equipment
Published on: 27 February 2026, 03:09 PM IST

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