बिहार के किसान भाइयों के लिए मार्च का महीना काफी नुकसानदायक रहा. इस माह में मौसम ने फसलों पर ऐसा कहर ढाया की राज्य के किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा. इस समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों के हित के लिए बड़ा कदम उठा बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना Bihar Krishi Input Anudan Yojana के तहत आपदा से प्रभावित बिहार के 13 जिलों को सहायता मुहैया करा रही है.
बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना क्या है?
बिहार सरकार बिहार कृषि अनुदान योजना की शुरुआत की है राज्य के किसानों के लिए अभी हाल ही में मार्च के महीने में किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा था. बिहार के कई जिलों के किसानों को आंधी, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से नुकसान का सामना करना पड़ा.
बता दें कि इस योजना के तहत बिहार के 13 जिलों के किसानों को मदद दी जाएगी. यानी की किसानों को उनकी फसल नुकसान का मुआवजा मुहैया कराया जाएगा.
किसानों को कितना मिलेगा हर्जाना?
मार्च के महीने में जिन किसान भाइयों की फसलों को अधिक नुकसान हुआ है, वे किसान कृषि इनपुट योजना का फायदा उठा सकते हैं. इस योजना के तहत पैसा सीधा किसानों के खाते में भेजा जाएगा. साथ ही दिन किसानों की फसलों को आंधी-तूफान, बेमौसम बारिश से नुकसान हुआ है. उनकों सरकार इस प्रकार मुआवजा प्रदान करेंगी-
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फसल क्षेत्र के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
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सिंचित क्षेत्र के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
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शाश्वत/बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित) के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
इस तरह से बिहार सरकार 13 जिलों के किसानों को रबी फसलों पर मुआवजा राशि प्रदान करेंगी, ताकि किसानों को थोड़ी आर्थिक मदद मिल सकें.
किन जिलों के किसान होंगे पात्र?
बिहार सरकार कृषि इनपुट योजना के तहत 13 जिलों के किसानों को सहायता प्रदान करेंगी, जिनमें ये जिले शामिल है, जो इस प्रकार है-सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, अररिया, बेगूसराय, मधुबनी, पूर्णिया, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, दरभंगा, सुपौल और भागलपुर इन सभी जिलों के किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा.
कैसे करें योजना में आवेदन?
अगर आप भी इस योजना में इच्छुक है और इस सरकारी योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आप कृषि इनपुट अनुदान योजना में आवेदन करने के लिए पंचायतों के किसान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या फिर किसान कॉल सेंटर के इन नंबर 18001801551 पर जानकारी लें सकते हैं और इस सरकारी योजना में अप्लाई कर योजना का फायदा उठा सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह