बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ (कॉफ्फेड) ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जब 5 टन उच्च गुणवत्ता वाला मिथिला मखाना चीन की मांजिंग रॉयल इक्विपमेंट कम्पनी को निर्यात किया गया. आईसीडी, पटना से इस ऐतिहासिक खेप को कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
यह निर्यात न केवल बिहार के किसानों और मखाना उत्पादक मछुआरों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह राज्य के सहकारिता मॉडल और “मिथिला मखाना” की वैश्विक पहचान को भी सुदृढ़ करता है.
कॉफ्फेड के प्रबंध निदेशक ऋषिकेश कश्यप ने बताया कि "यह निर्यात बिहार के मखाना उत्पादक मछुआरों की मेहनत और गुणवत्ता का प्रमाण है. कॉफ्फेड लगातार अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिहार के उत्पादों को स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है. आने वाले समय में मखाना, मत्स्य उत्पाद एवं अन्य कृषि-आधारित उत्पादों का निर्यात और अधिक बढ़ाया जाएगा."
उन्होंने बताया कि गुजरात की प्रतिष्ठित कंपनी रूट टू लीफ के सहयोग से यह निर्यात संभव हो पाया, जिसके प्रतिनिधि ललित सिंह और किशन कोयानी ने चीन की कंपनी एवं कॉफ्फेड के बीच एक अहम भूमिका निभाई. उनके सहयोग से कॉफ्फेड मखाना को चीन निर्यात करने में सफल हुए हैं.
इस निर्यात से बिहार के मखाना उत्पादक मछुआरों को बेहतर बाजार एवं उचित मूल्य की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे सहकारी समितियों के माध्यम से हजारों मछुआरों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा. यह राज्य में रोजगार सृजन एवं निर्यात आधारित उद्योग को प्रोत्साहन देगा, साथ ही "वोकल फॉर लोकल" एवं "मेक इन इंडिया" अभियान को मजबूती प्रदान करेगा. यह पहल बिहार को मखाना निर्यात हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
कॉफ्फेड से जुड़ी 880 से अधिक सहकारी समितियां एवं लाखों सदस्य इस पहल से लाभान्वित होंगे. यह निर्यात राज्य की सहकारिता व्यवस्था की पारदर्शिता, गुणवत्ता नियंत्रण एवं वैश्विक मानकों के अनुपालन का भी प्रमाण है.
समारोह में कृषि मंत्री सहित जितबन सप्लाई चेन प्राईवेट के निदेशक विकास कुमार, प्रिंसटीन के रामफूल, विवेक बिपुल, सुमित रंजन, अपेडा के देवानंद त्रिपाठी, कस्टम के प्रदीप कुमार, आकाश कुमार, कॉफ्फेड की निदेशक सिमरन, रवि राज (मखाना एक्सपोर्ट मैनेजर), मनीष कुमार, रिशु राज, सौरव कुमार एवं अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे. सभी ने कॉफ्फेड की इस पहल की सराहना की और भविष्य में बिहार से अधिकाधिक कृषि एवं मत्स्य उत्पादों के निर्यात की कामना व्यक्त की.