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Updated on: 12 January, 2026 2:49 PM IST
बिहार स्थित कृषि स्टार्ट-अप कंपनी 'एग्रीफीडर 'ने अपने वैश्विक ब्रांड की पहचान “Agrifeeder by Neetu Chandra” को किया लॉन्च

बिहार स्थित कृषि स्टार्ट-अप एग्रीफीडर, जिसकी सह-स्थापना अभिनेता, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता और उद्यमी नीतू चंद्रा ने प्रिया पांडेय, रमन कुमार और रौनक कुमार के साथ मिलकर की है, को यूएसए एफडीए (US FDA) सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है. इस प्रमाणन के साथ अब एग्रीफीडर बिहार के किसानों से सीधे प्राप्त उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों का निर्यात अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में कर सकेगा.

इस उपलब्धि की घोषणा नई दिल्ली स्थित बिहार निवास में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई. इसी अवसर पर कंपनी ने अपने वैश्विक ब्रांड की पहचान “Agrifeeder by Neetu Chandra” को भी लॉन्च किया, जिसके तहत अब सभी उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में बेचे जाएंगे. ब्रांड लॉन्च के तहत सभी पैकेजिंग पर नीतू चंद्रा का नाम और उनकी विज़ुअल पहचान होगी, जिससे गुणवत्ता, भरोसे और वैश्विक उपभोक्ताओं के बीच पहचान को मज़बूती मिलेगी.

एग्रीफीडर वर्तमान में बिहार के 50,000 से अधिक किसानों के साथ काम कर रहा है. कंपनी किसानों को सीधे बाज़ार से जोड़ने, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और सप्लाई चेन प्रबंधन में सहयोग देती है. इसका उद्देश्य किसानों को केवल कच्चा माल बेचने से आगे बढ़ाकर मूल्य-वर्धित और निर्यात योग्य उत्पादों के ज़रिए उनकी आय को 10 गुना तक बढ़ाने में मदद करना है.

प्लेटफॉर्म बिहार के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करता है, जिनमें लेमनग्रास, हर्बल चाय (छह फ्लेवर), चना सत्तू, मोरिंगा पाउडर, मिश्रित चना सत्तू, व्हीटग्रास पाउडर मिश्रित चना सत्तू, कच्चा शहद (छह फ्लेवर), जीआई-टैग प्राप्त भागलपुरी जर्दालू आम, जीआई-टैग प्राप्त भागलपुरी कतरनी चावल और पोहा, गुड़ मक्का, और अन्य स्थानीय कृषि उत्पाद शामिल हैं.

ब्रांड लॉन्च पर प्रतिक्रिया देते हुए एग्रीफीडर की सह-संस्थापक नीतू चंद्रा ने कहा,यह बिहार के किसानों के प्रति एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता है. पैकेजिंग पर अपना नाम देना इस बात का संकेत है कि मैं हर उत्पाद की गुणवत्ता, उसके स्रोत और उससे जुड़े किसानों की आजीविका की ज़िम्मेदारी लेती हूं. वैश्विक बाज़ार में प्रवेश करते हुए यह ब्रांड भरोसे, पारदर्शिता और इस विश्वास का प्रतिनिधित्व करता है कि बिहार का उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकता है.”

इस उपलब्धि पर एग्रीफीडर की सह-संस्थापक प्रिया पांडेय ने कहा,यूएसए एफडीए सर्टिफिकेशन एग्रीफीडर और हमारे साथ जुड़े किसानों के लिए एक अहम पड़ाव है. यह वर्षों की मेहनत को मान्यता देता है और हमें गुणवत्ता और उचित मूल्य के साथ बिहार के उत्पादों को वैश्विक बाज़ारों में ले जाने का आत्मविश्वास देता है.”

अपने ‘बिहार-फर्स्ट’ ऑपरेटिंग मॉडल के तहत स्टार्ट-अप ने अपनी मुख्य गतिविधियों को बेंगलुरु से स्थानांतरित कर भागलपुर के पास पीरपैंती स्थित डुबौली गांव में स्थापित किया है. इससे कंपनी की टीमें सीधे स्थानीय कृषि समुदाय के साथ मिलकर काम कर रही हैं. इसके साथ ही एग्रीफीडर ने इस गांव को दीर्घकालिक सामुदायिक विकास पहल के तहत अपनाया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय रोज़गार, आजीविका और कृषि विकास को बढ़ावा देना है.

वर्ष 2017 में स्थापित एग्रीफीडर की शुरुआत छोटे और सीमांत किसानों की उन संरचनात्मक समस्याओं को हल करने के उद्देश्य से की गई थी, जिनमें सीमित बाज़ार पहुंच, कीमतों में अस्थिरता और बिचौलियों पर निर्भरता शामिल है. यूएसए एफडीए सर्टिफिकेशन और Agrifeeder by Neetu Chandra के लॉन्च के साथ, स्टार्ट-अप अब निर्यात और अंतरराष्ट्रीय विस्तार के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है, जबकि इसकी जड़ें मजबूती से बिहार में बनी हुई हैं.

कंपनी के बारे में

वर्ष 2017 में स्थापित, एग्रीफीडर एक बिहार आधारित एग्री-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है, जो राज्य भर के 50,000 से अधिक किसानों के साथ सीधे काम करता है. कंपनी बाज़ार तक पहुंच, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और सप्लाई चेन एकीकरण के ज़रिए किसानों की आय बढ़ाने पर केंद्रित है. पारंपरिक और क्षेत्र-विशेष कृषि उत्पादों पर फोकस करते हुए, एग्रीफीडर गुणवत्ता मानकीकरण, ट्रेसेबिलिटी और अलग पहचान वाले उपभोक्ता ब्रांड के माध्यम से मूल्य-वर्धन को सक्षम बनाता है. बिहार-केंद्रित मॉडल और बढ़ती वैश्विक उपस्थिति के साथ, एग्रीफीडर किसान सशक्तिकरण और क्षेत्रीय उत्कृष्टता पर आधारित एक टिकाऊ, निर्यात-उन्मुख प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है.

नीतू चंद्रा के बारे में

बिहार की बेटी” के रूप में पहचानी जाने वाली नीतू चंद्रा एक हॉलीवुड अभिनेत्री, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता भारतीय फिल्म निर्माता, अभिनेता, उद्यमी, रंगमंच कलाकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं. बिहार के एक मध्यमवर्गीय संयुक्त परिवार से अंतरराष्ट्रीय सिनेमा तक का उनका सफर उद्देश्यपूर्ण कहानी कहने और सांस्कृतिक पहचान को सामने लाने से जुड़ा रहा है, जो हिंदी, क्षेत्रीय और वैश्विक सिनेमा में साफ़ झलकता है. उन्होंने हिंदी फिल्मों में गरम मसाला से अभिनय की शुरुआत की और इसके बाद ट्रैफिक सिग्नल, ओए लकी! लकी ओए! और रण जैसी प्रशंसित फिल्मों में प्रभावशाली भूमिकाएँ निभाईं. निर्माता के रूप में वे चंपारण टॉकीज़ की सह-संस्थापक हैं, जिसके बैनर तले बनी मिथिला मखान को मैथिली भाषा की सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला. उनकी हालिया फिल्म छठ बिहार की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को समर्पित है.

English Summary: Bihar agriculture startup agrifeeder gets us fda certification opens global market for farmers
Published on: 12 January 2026, 02:57 PM IST

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