Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! STIHL मल्टी-पर्पस स्टेशनेरी इंजन: आधुनिक कृषि और उद्योग के लिए क्रांतिकारी समाधान Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 2 November, 2022 2:18 PM IST
Big news for soybean farmers

खरीफ सीजन की मुख्य फसल सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. जी हां देश के विभिन्न मंडियों में सोयाबीन के दामों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. इस बार इन मंडियो में सोयाबीन सरकार द्वारा निर्धारित किए गए एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर बिक रहा है. ये कई सालों बाद है जब सोयाबीन किसानों को फसल उत्पादन का अच्छा दाम मिल रहा हो. ऐसे में देश के सोयाबीन किसानों के चेहरे पर खुशी की झलक देखने को मिल रही है.

जानें, सोयाबीन के दामों में रिकॉर्ड तेजी के पीछे की बड़ी वजह

विभिन्न मंडियों में सोयाबीन के दाम बढ़ने के पीछे की बड़ी वजह देश-विदेश में तेजी से बढ़ते सोयाबीन की मांग को बताया जा रहा है. आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की कमी भी सोयाबीन की कीमतों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण है. इसके साथ ही ऐसा भी कहा जा रहा है कि इस बार सोयाबीन फसल की पैदावार कम हुई है इसलिए इसके दाम बढ़ गए हैं.

मंडियों में 6000 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा सोयाबीन

जैसा कि हमने ऊपर लेख में बताया कि इस बार सोयाबीन बाजार में इसका दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य से ज्यादा मिल रहा है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि सरकार ने विपणन वर्ष 2022-23 के लिए सोयाबीन की एमएसपी 4300 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित की है, जबकि सोयाबीन बाज़ार में 6000 से 8000 रुपए प्रति क्विंटल सोयाबीन के दाम मिल रहे हैं. ऐसे में चलिए कृषि जागरण के इस लेख के जरिए जानते हैं देश की कुछ प्रमुख मंडियों में सोयाबीन का ताजा भाव-

जानिए, मध्य प्रदेश की प्रमुख मंडियों में सोयाबीन का ताजा भाव

  • उज्जैन मंडी- सोयाबीन का न्यूनतम भाव 4915 रुपए प्रति क्विंटल व अधिकतम भाव 7690 रुपये तक

  • रतलाम मंडी- सोयाबीन का न्यूनतम भाव 5180 रुपए प्रति क्विंटल व अधिकतम भाव 7730 रुपए तक

  • झाबुआ मंडी- सोयाबीन का न्यूनतम भाव 4825 रुपए प्रति क्विंटल व अधिकतम भाव 5350 रुपए तक

  • खरगोन मंडी- सोयाबीन का न्यूनतम भाव 4600 रुपये प्रति क्विंटल व अधिकतम भाव 5611 रुपये तक

  • मंदसौर मंडी- सोयाबीन का न्यूनतम भाव 4085 रुपये प्रति क्विंटल व अधिकतम भाव 7720 रुपये तक

जानिए, उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख मंडियों में सोयाबीन का ताजा भाव

  • उत्तर प्रदेश की ललितपुर मंडी- सोयाबीन का न्यूनतम भाव 4580 रुपये प्रति क्विंटल व अधिकतम भाव 5900 रुपये तक

  • उत्तर प्रदेश की प्रतापगढ़ मंडी- सोयाबीन का न्यूनतम भाव 7345 रुपये प्रति क्विंटल व अधिकतम भाव 7660 रुपये तक

  • बिहार की बेगूसराय मंडी- सोयाबीन का न्यूनतम भाव 4100 रुपये प्रति क्विंटल व अधिकतम भाव 4400 रुपये तक

  • बिहार की किशनगंज मंडी- सोयाबीन का न्यूनतम भाव 5170 रुपये प्रति क्विंटल व अधिकतम भाव 6940 रुपये तक

जानिए, महाराष्ट्र की मुख्य मंडियों में सोयाबीन का भाव

  • नागपुर मंडी- सोयाबीन का न्यूनतम भाव 4200 रुपये प्रति क्विंटल व अधिकतम भाव 6080 रुपये तक

  • वाशिम मंडी- सोयाबीन का न्यूनतम भाव 4650 रुपये प्रति क्विंटल व अधिकतम भाव 6880 रुपये तक

  • अकोला मंडी- सोयाबीन का न्यूनतम भाव 4700 रुपये प्रति क्विंटल व अधिकतम भाव 6215 रुपये तक

  • भोकर मंडी- सोयाबीन का न्यूनतम भाव 4380 रुपये प्रति क्विंटल व अधिकतम भाव 6150 रुपये तक

  • चोपडा मंडी- सोयाबीन का न्यूनतम भाव 4900 रुपये प्रति क्विंटल व अधिकतम भाव 6150 रुपये तक

English Summary: Big news for soybean farmers, selling up to Rs 8000 per quintal, farmers' bat-bats
Published on: 02 November 2022, 02:20 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now