RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 5 January, 2019 4:57 PM IST

पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य दोनों ही सरकारों की ओर से अकसर नयी-नयी योजनाएं आती रहती है. इसी कड़ी में पशुपालन विभाग, हरियाणा के द्वारा 'पंडित दीन दयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना' शुरू की गई है. इस योजना का संचालन केंद्र व राज्य सरकार के सामूहिक प्रयासों से किया जा रहा है. इस योजना के अंतर्गत दो प्रकार के पशुओं का चयन किया गया है, जिनमें बड़े व छोटे पशु शामिल हैं. गौरतलब है कि प्रत्येक परिवार 5 यूनिट पशुओं का बीमा करवा सकता है. जिनमें एक यूनिट में एक बड़ा जानवर व 10 छोटे जानवर शामिल हो सकते है.

बता दे कि इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को बड़े पशुओं के लिए 100 रुपए तथा छोटे पशुओं के लिए 25 रुपए का प्रीमियम अंश देना होता है और बीमा की शेष राशि सरकार के द्वारा बीमा कंपनियों वहन करती हैं. हालांकि अनुसूचित जाति के पशुपालकों के लिए इस योजना का लाभ निशुल्क उपलब्ध है.

हरियाणा के पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि बीमा करवाने के लिए आवेदक को पशु का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की फोटो कॉपी, अनुसूचित जाति से संबंधित होने पर जाति प्रमाण पत्र, प्रीमियम राशि, पशु के टैग सहित लाभार्थी के साथ पशु की फोटो इत्यादि प्रस्तुत करने होते हैं. उन्होंने आगे कहा कि 'बीमा किए गए पशु की मौत होने पर पशुपालक को निकटतम पशु चिकित्सा अधिकारी को तत्काल सूचना देनी होती है और मृतक पशु को निरीक्षण के लिए 24 घंटे सुरक्षित रखना होता है. योजना का लाभ लेने के लिए पशुपालन विभाग के चिकित्सक अधिकारी के द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की कॉपी देना भी अनिवार्य होता है.

English Summary: Big and small animals insurance scheme
Published on: 05 January 2019, 04:59 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now