Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 16 March, 2026 2:18 PM IST
सरसों पर भावांतर भुगतान को मंजूरी, तुअर की 100% सरकारी खरीद का फैसला

मध्य प्रदेश के किसानों को राज्य सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है. अब राज्य में सरसों और तुअर, अरहर की खेती करने वाले किसानों को अब सीधा फायदा होगा. यानी की केंद्र और राज्य सरकार के बीच हुई चर्चा के बाद सरसों के लिए भावांतर भुगतान योजना को मजूंरी मिल गई है और तुअर की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद का भी रास्ता साफ हो गया है, जिससे किसानों की आय स्थिर और बाजारों के उतार-चढ़ाव के दामों से राहत मिलेगी.

सरसों उत्पादकों को मिलेगा भावांतर का लाभ

भावांतर भुगतान योजना की शुरुआत सरकार ने इस उद्देश्य के साथ की है, जब बाजारों में फसल की कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम हो जाती है. ऐसे में सरकार किसानों को बाजार मूल्य और MSP के बीच का अंतर भुगतान के रूप में देती है.

सरसों की कीमत में कई बार बाजारों में गिरावट आ जाती है, जिससे राज्य के किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन अब इस नई मंजूरी की बाद किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और किसानों को उनकी फसल के सही दाम मिल सकेंगे.

तुअर (अरहर) की 100% सरकारी खरीद

सरकार ने तुअर(अरहर) की फसल को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने इन फसलों की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद के लिए स्वीकृति पत्र सौंपा है. इसका मतलब साफ है कि राज्य में तुअर की खेती करने वाले किसानों की पूरी उपज सरकार द्वारा खरीदी जाएंगी.

सरकार के इस फैसले से किसानों को बाजारों में कम कीमत मिलने का खतरा कम होगा, क्योंकि अक्सर देखा जाता है कि बाजारों में दलहनों के दाम गिर जाने से किसानों को अपनी फसलों को कम दामों पर बेचना पड़ता है, जिससे किसानों को मुनाफे की जगह नुकसान भुगतना पड़ता है, लेकिन सरकार की इस मंजूरी के बाद किसानों की उपज अब न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी.

दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने की योजना

राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश को दलहन और तिलहन उत्पादन का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में कदम बढ़ाने की बात कहीं है. केंद्र और राज्य की संयुक्त टीम द्वारा मूंग, उड़द, चना, तिल, सरसों और पाम ऑयल जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए व्यापक योजना तैयार करने पर सहमति बनी है. इस रणनीति के तहत बेहतर बीज, आधुनिक तकनीक, सिंचाई सुविधाएं और बाजार व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

तिलहन उत्पादन में मजबूत स्थिति

मध्य प्रदेश पहले से ही देश में तिलहन उत्पादन के क्षेत्र में मजबूत स्थिति रखता है. आंकड़ों के अनुसार राज्य का तिलहन उत्पादन देश में दूसरे स्थान पर है. राज्य में कुल तिलहन उत्पादन लगभग 8.25 मिलियन टन है, जो राष्ट्रीय उत्पादन का करीब 19.19 प्रतिशत हिस्सा है.

सोयाबीन उत्पादन में भी मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है. राज्य में लगभग 5.38 मिलियन टन सोयाबीन का उत्पादन होता है, जो देश के कुल उत्पादन का करीब 35.27 प्रतिशत है.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Bhavantar Yojana Payment Approved Mustard Decision Taken for 100 Percent Government Procurement of Tur
Published on: 16 March 2026, 02:26 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now