छत्तीसगढ़ की राजधानी में संविधान दिवस (26 नवंबर) के अवसर पर आयोजित एक राज्य स्तरीय विशेष समारोह में बस्तर की प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं संगीतकार शिप्रा त्रिपाठी को उनके असाधारण सामाजिक योगदान के लिए ‘वीरांगना दुर्गावती स्त्री शक्ति अवार्ड-2025’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान समता साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ द्वारा राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 'संविधान-दिवस' के अवसर पर प्रदेश की राजधानी में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
शिप्रा त्रिपाठी ने अपने पूरे कार्यकाल में महिलाओं और बच्चों की शिक्षा, पोषण तथा स्वास्थ्य सुधार के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। विशेष रूप से बस्तर अंचल की आदिवासी महिलाओं और बच्चों के कुपोषण दूर करने तथा सामाजिक उत्थान हेतु उनका बहुमूल्य योगदान अत्यंत सराहनीय रहा है।
कार्यक्रम में यह अलंकरण समता साहित्य अकादमी के प्रांताध्यक्ष जी. आर. बंजारे ‘ज्वाला’ और उपस्थित विशिष्ट अतिथियों द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की गई।
उल्लेखनीय है कि शिप्रा त्रिपाठी हाल ही में महिला एवं बाल विकास विभाग में परियोजना अधिकारी पद से सेवा-मुक्त हुई हैं, किन्तु अब भी समाजसेवा के विविध कार्यों में निरंतर सक्रिय हैं। वह ‘संपदा समाजसेवी संस्थान’ (पंजीयन 2002) की महासचिव के रूप में भी उल्लेखनीय भूमिका निभा रही हैं।
संगीत के क्षेत्र में भी उनकी अलग पहचान है। विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त संगीतकार होने के कारण गजल,भजन, लोकगीत तथा सुगम संगीत की दूरदर्शन की मान्यता प्राप्त कलाकार शिप्रा त्रिपाठी को जनता और संगीत प्रेमियों द्वारा स्नेहपूर्वक ‘बस्तर कोकिला’ कहा जाता है। शिप्रा त्रिपाठी को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त होने से संपदा समाजसेवी संस्थान के सभी सदस्यों तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, कार्यकर्ताओं , सहायकों में भी हर्ष व्याप्त है।