16-17 अप्रैल को आयोजित होगा MIONP 2026: भारत को ऑर्गेनिक और लाभकारी कृषि की ओर ले जाने की पहल 16-17 अप्रैल को आयोजित होगा MIONP 2026: भारत को ऑर्गेनिक और लाभकारी कृषि की ओर ले जाने की पहल PM Kisan की 23वीं किस्त चाहिए? तो जल्द ही करें यह जरुरी काम, वरना अटक जाएगा पैसा! Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 23 February, 2026 2:03 PM IST
बांस की खेती करने पर सरकार देगी 50 प्रतिशत सब्सिडी की छूट (Image Source-istockphoto)

अगर आप किसान है और ऐसी फसल की खोज में जिसकी बुवाई करके सालभर मुनाफा हो और सरकार की ओर से भी सब्सिडी की मदद मिल सकें. ऐसे में बिहार सरकार की ओर से बड़ी खबर सामने आ रही है. बिहार सरकार बांस की खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि किसानों की कमाई भी हो और रोजगार के अवसर भी बढ़ें और साथ ही बांस को “ग्रीन गोल्ड” के रूप में पहचान मिल रही है, क्योंकि यह कम लागत में टिकाऊ और बहुउपयोगी फसल के तौर पर उभर रहा है.

कितना मिलेगा अनुदान?

बिहार सरकार ने उच्च घनत्व बांस रोपण की इकाई लागत 1.2 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तय की गई है. इस पर 50% यानी 0.6 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से किसानों को सहायतानुदान मुहैया कराय़ा जाएगा, जिसे दो वर्षों में 60:40 के अनुपात में दिया जाएगा.

इसके अलावा, किसानों खेत की मेड़ पर बांस रोपण के लिए प्रति पौधा इकाई लागत 300 रुपये निर्धारित की गई है, जिस पर 50% यानी 150 रुपये प्रति पौधा की दर से दो वर्षों (60:40) में अनुदान दिया जाएगा.

बिहार के कितने जिलों को मिलेगा योजना का लाभ?

बिहार सरकार ने राज्य के 27 जिलों के लिए इस योजना की शुरुआत की है, जिनमेंअररिया, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, दरभंगा, पूर्वी चम्पारण, गोपालगंज, जमुई, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पूर्णियां, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, शिवहर, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल, वैशाली तथा पश्चिम चम्पारण शामिल हैं. इन जिलों का चयन जलवायु और भूमि की उपयुक्तता को ध्यान में रखकर बांस की खेती के लिए किया गया है.

पति-पत्नी दोनों बन सकते हैं लाभुक

बिहार सरकार ने राष्ट्रीय बाँस मिशन योजना प्रावधान के तहत एक ही परिवार में पति और पत्नी दोनों योजना का लाभ उठा सकते हैं. शर्त यह है कि दोनों के नाम से अलग-अलग भूमि निबंधित हो और भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र भी अलग-अलग हों यह व्यवस्था महिला किसानों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में अहम मानी जा रही है.

आवेदन के लिए अनिवार्य दस्तावेज

अगर आप भी राष्ट्रीय बाँस मिशन योजना में आवेदन करने में इच्छुक है तो इन दस्तावेजों का होना बेहद ही जरुरी है-

  • इच्छुक कृषकों को वैध भू-स्वामित्व का प्रमाण अपलोड करना होगा.

  • इसके लिए भूमि-स्वामित्व प्रमाण पत्र, दो वर्ष पूर्व से अद्यतन राजस्व रसीद, ऑनलाइन अद्यतन रसीद या वंशावली के आधार पर विधि मान्य भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र स्वीकार किए जाएंगे.

कैसे करें आवेदन?

अगर आप भी बांस की खेती करना चाहते हैं और राष्ट्रीय बांस मिशन योजना योजना का लाभ उठाना चाहते है, तो आप बिहार की अधिकारिक सरकारी वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in/ पर जाकर आसानी से आवेदन कर सकते हैं और सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं.

वहीं, किसानों को इस योजना का लाभ “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर दिया जाएगा.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Bamboo Farming Subsidy farmers will receive 50 Percent subsidy
Published on: 23 February 2026, 02:09 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now