Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 21 May, 2020 4:37 PM IST

मध्यप्रदेश के कुछ जिले जो राजस्थान की सीमा से लगे हैं, वहां के किसानों को थोड़ी से सतर्कता रखने की सलाह सरकार ने दी है. इन जिलों में मंदसौर, नीमच और उज्जैन शामिल हैं. दरअसल, यहां पर टिड्डी का खतरा सबसे ज्यादा है. इसलिए प्रशासन ने टिड्डी से बचाव के कुछ उपाय किसानों से शेयर किए हैं. टिड्डी एक तरह का कीड़ा है जो फसल को नष्ट कर देता है. यह कीड़ों का एक समूह होता है, जो देखते ही देखते कुछ ही घंटों में कई एकड़ में खड़ी फसल और पेड़ -पौधों को नुकसान पहुंचाता है. टिड्डी से होने वाले नुकसान को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि वह अपने स्तर पर समूह बनाकर रात में खेतों की रखवाली करें. इसके साथ ही टिड्डी को प्रकोप होने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन को और कृषि विभाग को सूचित करें.

ये हैं कुछ खास उपाय...

  • किसान इस दौरान पारंपरिक उपाय जैसे, शोर मचाकर टिड्डी को भगा सकते हैं.

  • इसके अलावा तेज आवाज वाले यंत्रों को बजाकर भी खेत से टिड्डी को भगा सकते हैं.

  • किसान इस दौरान कुछ कीटनाशक दवाओं को छिड़काव करके भी टिड्डी से मुक्ति पा सकते हैं.

  • किसान थालियों व डीजे की तेज आवाज करें. टिड्डी दल तेज आवाज सुनकर भागता है.

कीटनाशक दवाएं जो आ सकती हैं काम...

  • क्लोरपॉयरीफॉस 20 ई.सी 12000 मिलीलीटर.

  • डेल्टामेथरिन 2.8 ई.सी. 600 मिलीलीटर.

  • लेम्डासाईहेलोथ्रिन 5 ई.सी. 400 मिली लीटर.

  • डाईफलूबिनज्यूरान 25 डब्लयू.टी. 240 ग्राम प्रति हैक्टेयर 600 मीटर पानी में मिलाकर ट्रैक्टर चलित स्प्रे-पंप से छिड़काव कर सकते हैं.

 टिड्डी के आक्रमण के समय यदि कीटनाशक दवा नहीं हो तो ट्रैक्टर चलित पॉवर स्प्रे के द्वारा तेज बौछार से भी इसे खत्म किया जा सकता है.  

English Summary: attack of locusts and remedy to save Crop
Published on: 21 May 2020, 04:42 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now