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Updated on: 3 June, 2026 10:45 AM IST
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से कल असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बीच अहम बैठक हुई
  • मनरेगा के तहत राशि आवंटित, PMAY-G के लिए विशेष सर्वे विंडो खुलेगी

  • केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान से असम के मुख्यमंत्री  हिमंत बिस्वा सरमा ने नई दिल्ली में की मुलाकात

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से कल असम के मुख्यमंत्री  हिमंत बिस्वा सरमा ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में राज्य से संबंधित विषयों पर बैठक की। इस उच्च स्तरीय बैठक में असम में कृषि और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा कई महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में असम के कृषि और ग्रामीण विकास के लिए फंड और संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने राज्य को कृषि अवसंरचना कोष (AIF), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G), मनरेगा तथा अन्य केंद्रीय योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के एजेंडे पर सचिव  रोहित कंसल ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) और मनरेगा प्रणाली की तकनीकी बाधाओं को पूरी तरह दूर कर दिया गया है। मनरेगा के तहत असम सरकार की मांग के अनुरूप राशि आवंटित की जा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी 1 जुलाई से देशभर में मनरेगा की जगह विकसित भारत-रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) लागू किया जाएगा।

बैठक में असम सरकार द्वारा चाय बागान (टी-गार्डन) श्रमिकों को भूमि का मालिकाना हक (पट्टा) प्रदान किए जाने के ऐतिहासिक कदम की सराहना की गई। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि इन श्रमिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ देने के लिए केंद्र सरकार एक विशेष सर्वे विंडो खोलेगी, ताकि पात्र लाभार्थियों के नाम डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज किए जा सकें।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने असम की विशिष्ट जलवायु और मिट्टी की विशेषताओं के आधार पर तैयार कृषि कार्ययोजना (Agriculture Action Plan) का प्रारूप मुख्यमंत्री  सरमा को सौंपा। बैठक में कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर सहमति बनी।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में असम ने लक्ष्य से अधिक 9 लाख से ज्यादा ‘लखपति दीदी’ तैयार कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इन महिलाओं के उद्यमों को और सशक्त बनाने के लिए असम एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (AAU) के इनक्यूबेटर्स के साथ मिलकर कार्य को गति दी जाएगी।

कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा असम में कृषि यंत्रीकरण तथा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं और निधियों की जानकारी दी गई। कृषि मंत्रालय के सचिव  आतिश चंद्र ने मुख्यमंत्री को महिला किसानों को कृषि पावर वीडर उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम (NMEO-OP) के विस्तार पर भी चर्चा हुई।

राज्य में सुरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष 1,500 नए बांस पॉलीहाउस स्वीकृत किए गए हैं। कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत पेस्टिसाइड टेस्टिंग लैब और खाद्य तेल परीक्षण प्रयोगशाला के भवनों को मंजूरी दी गई है। असम के जैविक उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए APEDA तथा नेशनल ऑर्गेनिक कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ साझेदारी की जा रही है, जिससे किसानों को व्यापक हैंडहोल्डिंग सहायता प्राप्त होगी।

असम की समृद्ध जैव-विविधता को बढ़ावा देने पर भी बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। डेयर सचिव एवं आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने बताया कि असम एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के मौजूदा केंद्रों को और मजबूत किया जाएगा। इसके तहत मसालों के लिए अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान कार्यक्रम तथा राज्य पुष्प ‘फॉक्सटेल ऑर्किड’ के विकास के लिए पुणे स्थित फ्लोरीकल्चर संस्थान के सहयोग से नेटवर्क कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति लाभ एवं पेंशन से जुड़े लंबित मामलों के समाधान पर भी चर्चा हुई।

भूमि संसाधन विभाग के सचिव  नरेंद्र भूषण ने बताया कि असम में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की दिशा में सकारात्मक प्रगति हो रही है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के कृषि और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया।

English Summary: Assam Agriculture Rural Development Funds there will be no shortage Shivraj Singh Chouhan
Published on: 03 June 2026, 10:53 AM IST

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