चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर तहसील के दूरस्थ आदिवासी गांव गिलबिली के आदिवासी आश्रम विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने वाले अक्षय खोब्रागडे को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में देश के प्रतिष्ठित “Outstanding Professional Award 2026” से सम्मानित किया गया.
यह सम्मान भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया. कृषि प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास, युवा सशक्तिकरण, सामाजिक नेतृत्व और नवाचार के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें यह राष्ट्रीय सम्मान दिया गया.
राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय पुरस्कार समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति पी. सदाशिवम, महाराष्ट्र कृषि मूल्य आयोग के अध्यक्ष पाशा पटेल, कर्नाटक कृषि मूल्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. अशोक दलवाई, Agriculture Today Group के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. एम. जे. खान, Agriculture Today Group के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हरीश खान, हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री ओ. पी. धनखड़, तथा कनाडा सरकार के प्रतिनिधि एच. ई. क्रिस्टोफर कूटर की गरिमामयी उपस्थिति रही.
अत्यंत साधारण परिस्थितियों और एक दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र से अपनी शिक्षा प्रारंभ करने वाले अक्षय खोब्रागडे ने अपने दृढ़ संकल्प, अथक परिश्रम और नेतृत्व क्षमता के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है. गिलबिली जैसे छोटे से गांव से शुरू हुई उनकी यात्रा आज देश के प्रतिष्ठित मंच तक पहुंच चुकी है.
वर्तमान में वे कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन तकनीक, डिजिटल कृषि, ग्रामीण उद्यमिता और किसान सशक्तिकरण के माध्यम से वे लाखों किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं. साथ ही वे ग्रामीण युवाओं को रोजगार, नवाचार और नेतृत्व के लिए प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.
यह सम्मान गिलबिली ग्राम पंचायत, गिलबिली आदिवासी आश्रम विद्यालय, गांव के शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा समस्त ग्रामवासियों के लिए गर्व का विषय है. अक्षय खोब्रागडे ने यह सिद्ध कर दिया है कि दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थी भी अवसर, शिक्षा और दृढ़ संकल्प के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर सकते हैं.
अक्षय खोब्रागडे का यह राष्ट्रीय सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि गिलबिली ग्राम पंचायत, बल्लारपुर तहसील, चंद्रपुर जिला और आदिवासी आश्रम विद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए प्रेरणा का स्रोत है. यह सम्मान इस बात का जीवंत उदाहरण है कि शिक्षा, लगन, ईमानदारी और समाज के प्रति समर्पण के बल पर ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के युवा भी देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं.
इस उपलब्धि पर गिलबिली ग्राम पंचायत, आदिवासी आश्रम विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी, ग्रामवासी तथा बल्लारपुर और चंद्रपुर जिले के विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं कृषि क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों ने अक्षय खोब्रागडे को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं.