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जयपुर से शुरू होगी एआई किसान क्रांति: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान लांच करेंगे “भारत‑VISTAAR”
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मौसम, मंडीभाव, योजनाएं एक कॉल पर:“भारत‑VISTAAR” से किसानों को 24×7 स्मार्ट मदद
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एआई से जुड़ेंगे खेत-किसान: शिवराज सिंह की अगुवाई में 17 फरवरी को “भारत‑VISTAAR” की शुरूआत
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 17 फरवरी को राजस्थान प्रवास पर रहेंगे, इस दौरान वे जयपुर में,देशभर के किसानों के लिए नया डिजिटल साथी “भारत‑VISTAAR” लांच करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय कृषि और किसान भाइयों-बहनों को स्मार्ट बनाने के लिए यह एआई आधारित प्लेटफॉर्म किसानों को फोन कॉल, चैटबॉट और आगे चलकर ऐप के ज़रिए मौसम, मंडीभाव, कीट‑रोग, मिट्टी, फसल सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही जगह पर देगा। फेज‑1 में यह सुविधा हिंदी व अंग्रेज़ी में शुरू होगी और महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात सहित कई राज्यों के लाखों किसानों तक पहुंचेगी। लांच कार्यक्रम में राज्यों के कृषि मंत्री व ICAR, KVKs, कृषि विश्वविद्यालयों तथा अन्य कृषि संस्थानों के नेटवर्क के माध्यम से देशभर के लाखों किसान वर्चुअली जुड़ेंगे।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भी होंगे शामिल
जयपुर में 17 फरवरी को सुबह 10 बजे होने वाले लांच समारोह में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बड़ी संख्या में किसान भाई-बहनों के अलावा मुख्य रूप से राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, रामनाथ ठाकुर, राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा, सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनधि तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव डा. देवेश चतुर्वेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, राजस्थान के मुख्य सचिव और कृषि विभाग के आला अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
“एआई फॉर एग्रीकल्चर रोडमैप”, “एआई हैकथॉन” व“एग्रीकोष”
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री शर्मा द्वारा “एआई फॉर एग्रीकल्चर रोडमैप”भी लांच किया जाएगा, वहीं “एआई हैकथॉन” एवं “एग्रीकोष” की घोषणा भी उनके द्वारा होगी।
भारत‑VISTAAR: डिजिटल क्रांति
भारत‑VISTAAR भारत सरकार का किसान‑केंद्रित, एआई‑संचालित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो अलग‑अलग सरकारी और वैज्ञानिक स्रोतों को जोड़कर किसानों तक भरोसेमंद जानकारी पहुंचाएगा। इस प्लेटफॉर्म पर किसान मौसम, मंडी भाव, कीट और बीमारी, मृदा स्वास्थ्य, फसल प्रबंधन और कम से कम 10 प्रमुख केंद्र सरकार योजनाओं से जुड़ी जानकारी और स्थिति देख सकेंगे।
वॉयस‑फर्स्ट एआई: साधारण फोन से भी सुविधा
भारत‑VISTAAR को वॉयस‑फर्स्ट एआई के रूप में तैयार किया गया है, ताकि साधारण फीचर फोन वाला किसान भी सिर्फ कॉल करके इसका लाभ ले सके। इसके लिए टेलीफोनी हेल्पलाइन 155261 को प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, साथ ही वॉयस इनपुट‑आउटपुट, वेबसाइट और मोबाइल साइट चैटबॉट जैसी सुविधाएं भी तैयार हैं, वहीं एंड्रॉयड ऐप भी जारी किया जाएगा।
मौसम, मंडीभाव, कीट‑रोग और योजनाओं का एकीकृत समाधान
फेज‑1 लांच के लिए भारत‑VISTAAR में IMD से मौसम की जानकारी, AgMarkNetसे मंडीभाव, NPSS के ज़रिए कीट और बीमारी प्रबंधन, एग्री‑स्टैक डेटा और 10 केंद्र सरकार योजनाओं की जानकारी को जोड़ा गया है।इसके साथ ही योजना की डिटेल, आवेदन की स्थिति, लाभ की ट्रैकिंग और शिकायत दर्ज कर समाधान की स्थिति देखने की सुविधा भी इंटीग्रेट की गई है, ताकि किसान को बार‑बार दफ्तर या अलग‑अलग पोर्टल न घूमने पड़ें।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में भारत‑VISTAAR
भारत‑VISTAAR को कृषि क्षेत्र के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए किसान‑केंद्रित, एआई‑संचालित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के रूप में डिजाइन किया गया है, जो “प्लग‑एंड‑प्ले”मॉडल पर काम करेगा ताकि अलग‑अलग सरकारी, वैज्ञानिक और बाज़ार संबंधी प्रणालियों को आसानी से जोड़ा जा सके। यह प्लेटफॉर्म सत्यापित एवं सुरक्षित जानकारी पर आधारित है, मल्टीमॉडल और बहुभाषी पहुंच देता है और ऐसा ढांचा प्रदान करता है, जिसे विभिन्न राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर अपनाकर बड़े स्तर पर प्रभाव पैदा कर सकती हैं।
वॉयस‑फर्स्ट एआई, फीचर फोन और राज्यों से जुड़ाव
भारत‑VISTAAR को भारत सरकार द्वारा निर्मित एआई‑संचालित कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें वॉयस‑फर्स्ट एआई के ज़रिए देश के किसानों तक सेवा पहुंचाने पर विशेष जोर है, ताकि फीचर फोन उपयोगकर्ता भी टेलीफोनी के माध्यम से इस सुविधा का लाभ ले सकें। फेज‑1 में महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात जैसे राज्यों को प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है और आगे चलकर इसे अन्य राज्यों और अधिक भारतीय भाषाओं तक विस्तार दिया जाएगा, जिससे यहराष्ट्रीय स्तर का कृषि डिजिटल नेटवर्क बन जाएगा व किसानों के लिए लाभकारी होगा।
ICAR, KVK व वैज्ञानिक सलाह से जुड़ा मजबूत नेटवर्क
भारत‑VISTAAR में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)के पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज, फसल प्रबंधन और सॉइल हेल्थ कार्ड आधारित मृदा सलाह को शामिल किया गया है, जिससे किसान को वैज्ञानिक और क्षेत्र‑विशेष सलाह मिल सके।इससे यह प्लेटफॉर्म सिर्फ सूचना देने वाला नहीं, बल्कि एक तरह से “डिजिटल कृषि सलाहकार” बन जाता है, जो फसल और खेत के बेहतर निर्णय में मदद करेगा।यह ऐतिहासिक लांच कार्यक्रम स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मैनेजमेंट, दुर्गापुरा, जयपुर में आयोजित होगा।
भारत विस्तार (चरण-1) का राष्ट्रीय शुभारंभ – 17 फरवरी 2026
1. भारतविस्तार के बारे में
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भारत विस्तार किसानों के लिए एक एकल डिजिटल द्वार है। यह एक एआई-संचालित एकीकृत डिजिटल प्रणाली है, जो किसानों को योजनाओं की जानकारी, मौसम पूर्वानुमान, मंडी भाव, फसल सलाह और शिकायत निवारण सेवाएं उनकी अपनी भाषा में — मोबाइल या साधारण फोन कॉल के माध्यम से उपलब्ध कराती है।
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भारत विस्तार का शुभारंभ 17 फरवरी 2026 को जयपुर में माननीय केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में किया जाएगा।
2. भारत विस्तार किन समस्याओं का समाधान करेगा
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वर्तमान में योजनाओं की जानकारी विभिन्न स्थानों पर बिखरी हुई है। किसानों को अक्सर अपनी पात्रता जानने, आवेदन करने, लाभ की स्थिति जानने और समय पर शिकायत निवारण में कठिनाई होती है।
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मौसम, मंडी दरें, बीमा और मृदा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी अलग-अलग स्रोतों में उपलब्ध है।
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भारत विस्तार के माध्यम से किसानों को अलग-अलग कार्यालयों, वेबसाइटों, ऐप्स या बिचौलियों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सभी संबंधित जानकारी का एकल और विश्वसनीय स्रोत होगा — उनकी अपनी भाषा में, टेक्स्ट और वॉयस आधारित संवाद के माध्यम से।
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भारत विस्तार कृषि क्षेत्र में एआई के लिए एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) है, जैसे भुगतान के लिए UPI है। यह केंद्र, राज्य और सहकारी प्रणालियों को एकीकृत कर एआई के माध्यम से किसानों को व्यक्तिगत और विश्वसनीय सलाह प्रदान करेगा।
3. किसान इसे कैसे उपयोग कर सकेंगे
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भारत विस्तार 24 घंटे उपलब्ध रहेगा, एक “डिजिटल कृषि विशेषज्ञ” के रूप में, दो माध्यमों से:
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भारत विस्तार चैटबॉट – टेक्स्ट आधारित संवाद।
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भारत विस्तार के अंदर मौजूद बोलने वाला एआई सहायक “भारती”। यह किसानों से बातचीत कर सकता है, सरल भाषा में प्रश्नों के उत्तर दे सकता है और विभिन्न भाषाओं में आवाज के माध्यम से कार्य कर सकता है।
किसान “भारती” तक तीन सरल तरीकों से पहुंच सकते हैं –
▪गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध मोबाइल ऐप के माध्यम से
▪वेब इंटरफेस लिंक (जो ऐप की तरह कार्य करेगा), जो कृषि मंत्रालय की वेबसाइट और प्रचलित मोबाइल ऐप्स जैसे PM KISAN और PMFBY पर उपलब्ध होगा
▪ 155261 नंबर पर कॉल करके (साधारण फोन से भी)
4. लॉन्च (चरण-1) के समय उपलब्ध सेवाएं और भाषाई क्षमताएं
(क) लॉन्च के समय उपलब्ध सेवाएं
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10 प्रमुख केंद्रीय योजनाओं की जानकारी, जिनमें शामिल हैं: पीएम-किसान, पीएम फसल बीमा योजना (PMFBY), मृदा स्वास्थ्य कार्ड (SHC), संशोधित ब्याज अनुदान योजना, कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन, प्रति बूंद अधिक फसल, पीएम कृषि सिंचाई योजना, पीएम अन्नदाता आय संरक्षण अभियान, कृषि अवसंरचना कोष और किसान क्रेडिट कार्ड।
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लाभ की स्थिति की जांच (पीएम-किसान, PMFBY और मृदा स्वास्थ्य कार्ड)।
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पीएम-किसान शिकायत पंजीकरण और ट्रैकिंग।
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फसल और पशुपालन संबंधी सलाह।
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ICAR के वैज्ञानिक ज्ञान पर आधारित सलाह।
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कीट और रोग संबंधी अलर्ट।
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वास्तविक समय की जानकारी — मौसम पूर्वानुमान (IMD से) और मंडी भाव (Agmarknet से)।
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मौसम आधारित कृषि सलाह।
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राज्यों और सहकारी संस्थाओं की एआई प्रणालियां — महाराष्ट्र का MahaVistaar, बिहार का BiharKrishi और AmulAI।
(ख) लॉन्च के समय भाषाई क्षमता
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चैटबॉट (टेक्स्ट आधारित संवाद): अंग्रेजी और हिंदी।
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टेलीफोन कॉल: “भारती” प्रारंभ में हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध होगी।
महाराष्ट्र के किसान Vasudha (मराठी) के माध्यम से
गुजरात के किसान AmulAIकी Sarlaben (गुजराती) के माध्यम से
बिहार के किसान Bihar Krishi App (हिंदी) के माध्यम से भारतविस्तार का उपयोग कर सकेंगे।
5. चरणबद्ध रूप से जोड़ी जाने वाली सेवाएं और भाषाएं
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मई 2026 तक सभी केंद्रीय योजनाओं को पात्रता, आवेदन, लाभ की स्थिति और शिकायत निवारण के लिए एकीकृत किया जाएगा।
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मौसम, कीट, फसल उपयुक्तता, बाजार मूल्य, उर्वरक आवश्यकता आदि से संबंधित अधिक व्यक्तिगत सलाह जोड़ी जाएगी।
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अगले 3 महीनों में यह तमिल, बंगाली, असमिया और कन्नड़ भाषाओं में उपलब्ध होगा, साथ ही संबंधित राज्य सरकार की योजनाएं भी जोड़ी जाएंगी। अन्य राज्यों की योजनाएं और सेवाएं चरणबद्ध तरीके से जोड़ी जाएंगी।
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अगले 6 महीनों में यह कुल 11 भाषाओं (अंग्रेजी, हिंदी और 9 क्षेत्रीय भाषाएं) में उपलब्ध होगा।
चरणबद्ध रूप से जोड़ी जाने वाली सेवाएं और भाषाई क्षमताएं:
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मई 2026 तक सभी केंद्रीय योजनाओं को पात्रता, आवेदन, लाभ की स्थिति और शिकायत निवारण के लिए एकीकृत कर दिया जाएगा।
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मौसम, कीट प्रबंधन, फसल उपयुक्तता, बाजार मूल्य, उर्वरक आवश्यकता आदि से संबंधित अधिक व्यक्तिगत (पर्सनलाइज़्ड) सलाह जोड़ी जाएगी।
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अगले 3 महीनों के भीतर यह तमिल, बंगाली, असमिया और कन्नड़ भाषाओं में उपलब्ध होगा, साथ ही संबंधित राज्य सरकार की योजनाएं भी जोड़ी जाएंगी। शेष राज्यों की योजनाएं और सेवाएं चरणबद्ध तरीके से शामिल की जाएंगी।
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अगले 6 महीनों के भीतर यह कुल 11 भाषाओं (अंग्रेजी, हिंदी और 9 क्षेत्रीय भाषाएं) में उपलब्ध होगा।