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Updated on: 17 March, 2026 4:32 PM IST
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
  • किसानों की आय और सुरक्षा दोनों की गारंटी, लोक सभा में बोले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान

  • तंबाकू की जगह नकदी फसलें प्रोत्साहित कर रही केंद्र सरकार- शिवराज सिंह

  • छोटी जोत पर बड़ा मुनाफा: इंटीग्रेटेड फार्मिंग के मॉडल तैयार- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह

  • गेहूं–धान से लेकर दलहन–तिलहन तक, एमएसपी पर ऐतिहासिक खरीदी-शिवराज सिंह चौहान

  • फसल बीमा में क्रांतिकारी सुधार: 21 दिन में मुआवजा, नहीं तो 12% ब्याज- शिवराज सिंह

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है- “न खाऊंगा, न खाने दूंगा”: कृषि रक्षक पोर्टल से गड़बड़ी पर सीधी कार्रवाई- शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने तंबाकू जैसी हानिकारक फसल के स्थान पर लाभदायी वैकल्पिक फसलें उपलब्ध कराने से लेकर एमएसपी पर ऐतिहासिक खरीदी, फसल बीमा योजना में क्रांतिकारी सुधार और सख्त निगरानी व्यवस्था के जरिए किसानों की आय और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज लोक सभा में सांसदों के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए बताया कि मोदी सरकार ने केवल किसानों से तंबाकू की उपज छोड़ने की अपील नहीं की, बल्कि जिन क्षेत्रों में ये उगाई जाती है, वहां हाइब्रिड मक्का, मिर्च, शकरकंद, कपास, आलू, चिया, फीड बीन, लोबिया, रागी, रेड ग्राम, गन्ना, सोयाबीन, ज्वार और मूंगफली जैसी लाभकारी फसलों को मजबूत विकल्प के रूप में चिन्हित किया गया है ताकि किसानों की नकदी आमदनी सुरक्षित रहे।

उन्होंने कहा कि देश में अधिकांश किसानों के पास छोटी जोत है, ऐसे में छोटे किसानों के लिए केवल एक फसल पर निर्भर रहना जोखिम भरा है, इसलिए सरकार ने एकीकृत खेती (इंटीग्रेटेड फार्मिंग) के कई मॉडल तैयार कर विभिन्न राज्यों में उनका डेमो शुरू किया है। इन मॉडलों के तहत किसान अनाज (गेहूं, धान), सब्जियाँ, फल, पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन और कृषि वानिकी जैसी गतिविधियां एक साथ अपनाकर साल भर स्थिर और बेहतर आमदनी अर्जित कर सकते हैं।

चौहान ने कहा कि किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए गेहूं, धान, दलहन और तिलहन सहित सभी प्रमुख फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है और वर्तमान सीजन में एमएसपी पर फसलों की ऐतिहासिक खरीदी जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मोदी सरकार ही है जिसने तुअर, मसूर और उड़द जैसी दलहन फसलों के लिए यह व्यवस्था की है कि किसान पंजीयन कराकर जितना भी बेचने के लिए लाएंगे, सरकार पूरी खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है जिससे दाल उत्पादक किसानों को बड़ा सहारा मिला है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि पहले प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कई-कई महीनों तक किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाता था, लेकिन मोदी सरकार ने नियमों में व्यापक संशोधन कर यह प्रावधान कर दिया है कि एक अकेले किसान की फसल को भी नुकसान होगा तो बीमा कंपनी को उसका मुआवजा देना ही पड़ेगा। उन्होंने बताया कि अब उपज के आंकड़े आने के बाद 21 दिनों के भीतर यदि बीमा दावा राशि किसान के खाते में नहीं पहुंचती, तो बीमा कंपनियों और राज्यों – दोनों को 12 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करना होगा ताकि किसी भी किसान को देरी की दोहरी मार न झेलनी पड़े।

चौहान ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “न खाऊंगा, न खाने दूंगा” के संकल्प के अनुरूप फसल बीमा और अन्य योजनाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि कृषि रक्षक पोर्टल सहित विभिन्न डिजिटल माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है और जहां भी गड़बड़ी पाई जाती है, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है; साथ ही विभिन्न राज्यों, विशेषकर राजस्थान जैसे राज्यों में हाल के वर्षों में किसानों के खातों में डीबीटी के जरिए फसल बीमा की हज़ारों करोड़ रुपये की राशि सीधे जमा कराई गई है जो किसान हितों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

English Summary: Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan Statement Guarantee of Farmers Income and Security Government to Promote Cash Crops as an Alternative to Tobacco
Published on: 17 March 2026, 04:38 PM IST

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