Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 20 January, 2024 2:45 PM IST
कृषि विवि रायपुर ने मनाया 38वां स्थापना दिवस

Agricultural University Raipur: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर (छत्तीसगढ़) ने शनिवार को अपना 38वां स्थापना दिवस मनाया. स्थापना दिवस समारोह के मौके पर देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे. उनके साथ राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी मौजूद रहे. इस दौरान उपराष्ट्रपति ने विकसित संजीवनी धान के तीन इम्यूनोबूस्टर का लोकार्पण भी किया. बता दें कि छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में धान की एक किस्म तैयार की गई है, जो कैंसर में भी फायदेमंद है. यह दावा कृषि विश्विवद्यालय के वैज्ञानिकों ने किया है. धान की इस किस्म को संजीवनी नाम दिया गया है.

दुनिया ने माना भारत का लोहा

समारोह में सभी को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि आज के युग में देश में प्रतिभा चमकाने के इतने शुभ अवसर मिले हैं, जितने पहले कभी नहीं थे. अब भारत पूरी तरह से बदल चुका हैं. हमारी सोच बदल चुकी है. अब हम दुनिया में किसी के मोहताज नहीं हैं. उन्होंने कहा कि हमने अपनी 5 हजार साल की संस्कृति को सबके सामने रख दिया है. दुनिया ने भी इसे लोहा माना है. इसे पहचान लिया है. यही वजह है कि आज का भारत विकास के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है. आज दुनिया की संस्थाएं भारत की तारीफ कर रही हैं. वो कह रही हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व का चमकता हुआ सितारा है. विश्व में तेजी से बढ़ती हुई हमारी अर्थव्यवस्था है.

उन्होंने कहा कि पहले हम जिन देशों को देखते थे, वो हमारे सपने में भी आते थे. कनाडा, यूके, फ्रांस, जर्मनी और जापान को देखकर हम सोचते थे कि क्या ऐसी व्यवस्था हमारे भारत में भी होगी? पर आज यह जमीनी हकीकत है. इस सफलता में हम सब का प्रयास है. सबकी सहभागिता है. हम विश्व के तेजी से उभरते लीडर रूप में कार्य कर रहे हैं. यह भारत के लिए सम्मान का विषय है.

कृषि क्षेत्र का तेजी से हो रहा विकास 

वहीं, इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब तक 160 से अधिक फसलों को विकसित किया गया है. जिसमें कृषि विश्वविद्यालय बड़ी भूमिका निभा रहा है और अनुसंधानों और उद्यमिता के विकास को प्रेरित किया है. उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर कृषि विकास की नई ऊंचाइयों को स्थापित करेंगे और किसानों के जीवन को खुशहाल और समृद्ध बनाएंगे. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा है और विकास की ये गति ऐसे ही जारी रहेगी. 

18 लाख पीएम आवास स्वीकृत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पीएम मोदी ने किसानों को खुशहाल जीवन की गारंटी दी है. किसानों की खुशी राज्य सरकार की गारंटी है.हमारी सरकार ने 18 लाख पीएम आवास बनाने की स्वीकृति दे दी है. तैयार होते ही ये आवास किसानों को अलॉट कर दिए जाएंगे.

किसानों को रणनीति बनाएं अधिकारी

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि पहली कैबिनेट बैठक में 3,799 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है. महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना लागू की जाएगी, 12 हजार रुपए सालाना महिलाओं को देंगे. मुख्यमंत्री ने कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों से आग्रह किया कि कृषकों के लिए रणनीति बनाएं, ताकि किसानों का कल्याण हो सके.

English Summary: Agricultural University Raipur celebrated 38th Foundation Day launched Sanjeevani Paddy which is effective in preventing cancer
Published on: 20 January 2024, 02:47 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now