Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 9 August, 2019 5:44 PM IST

भारत सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि तकनीक के सहारे उन्नत खेती को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जा सके. डिजिटल इंडिया के तहत खेतीबाड़ी एवं उनसे जूड़ी तमाम योजनाओं, परियोजनाओं एवं सूचनाओं को किसानों तक पहुंचाना भी सरकार की उसी प्राथमिकता का हिस्सा है. किसानों को उत्तम खेती के तराकों के प्रति जागरूक करने लिए भू-विज्ञान और कृषि मंत्रालय ने साथ मिलकर मेघदूत मोबाइल एप को लॉन्च किया है.

इस एप की मदद से किसान अपने क्षेत्र के हिसाब से कृषि और मवेशियों के लिए मौसम आधारित सलाह निशुल्क ले सकेंगें. खास बात ये है कि किसान इस एप को हिंदी एवं अंग्रेजी के साथ-साथ स्थानीय भाषा में भी उपयोग कर सकते हैं.

इस तरह मिलेगी मौसम की पूरी जानकारी

किसानों को अब मौसम की जानकारी के लिए टेलीविजन या रेडियो पर नहीं भटकना होगा, बल्कि अब वो अपने क्षेत्र का मौसम मेघदूत एप के माध्यम से भी जान सकेंगें. यह एप मौसम के तापमान, वर्षा, नमी और वायु की तीव्रता आदि के बारे में बड़ी सरल में भाषा में बता सकत है. बता दें कि एप की सूचनाएं सप्ताह में दो बार अपडेट होंगी.

सबसे पहले 150 जिलों मेः

इस एप को फिलहाल देश के 150  जिलों में शुरू किया जा रहा है, लेकिन इस साल के अंत तक ये इसकी सेवा में विस्तार किये जाने की योजना है. बता दें कि इस एप को पूसा कृषि मोबाइल एप एवं किसान सुविधा एप के बाद लाया गया है. इससे पहले लोग किसान सुविधा एप के माध्यम से मौसम, बाजार मूल्य, बीज, मशीनरी आदि के बारे में जान पाते थे. जबकि पूसा कृषि मोबाइल एप के माध्यम से लोग नएं-नएं तकनीकों के बारे में जान पाते थे, जो भारतीय कृषि शोध संस्थान द्वारा प्रदान की जाती थी.

English Summary: governmental launched meghdoot application for farmers
Published on: 09 August 2019, 05:48 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now