सावन का महीना शुरु हो चुका है और हिंदू धर्म में इस महीने को बेहद ही पवित्र समय माना जाता है. इस महीने में लोग भक्ति-भाव से भगवान शिव की आराधना करते हैं. यानी की इस पूरे महीने श्रद्धालु भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं, सोमवार का व्रत रखते हैं और सात्विक जीवनशैली अपनाने का प्रयास करते हैं, लेकिन इस मौसम में पाचन तंत्र अपेक्षाकृत कमजोर हो सकता है और नमी के कारण भोजन जल्दी खराब होने की संभावना रहती है. चलिए आगे जानें सावन में किस भोजन का सेवन करना चाहिए और किसका नहीं.
सावन में क्या खाना चाहिए?
1. ताजे और मौसमी फल
सावन में ताजे फल खाने की सलाह दी जाती है. केला, सेब, अनार, पपीता, अंगूर, नाशपाती, खरबूजा और तरबूज जैसे फल शरीर को विटामिन, फाइबर और प्राकृतिक ऊर्जा प्रदान करते हैं. व्रत रखने वाले लोगों के लिए फल सबसे सुरक्षित और पौष्टिक विकल्प माने जाते हैं.
2. दूध और दुग्ध उत्पाद
भगवान शिव को दूध अर्पित करने की परंपरा के कारण सावन में दूध का विशेष महत्व है. भोजन में दूध, दही, छाछ, लस्सी और पनीर शामिल किया जा सकता है. इनमें मौजूद प्रोटीन और कैल्शियम शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं.
3. मखाना और सूखे मेवे
मखाना व्रत के दौरान सबसे लोकप्रिय खाद्य पदार्थों में से एक है. इसे हल्का और पौष्टिक स्नैक माना जाता है. इसके अलावा बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश, पिस्ता और खजूर जैसे ड्राई फ्रूट्स शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं और बार-बार भूख लगने से बचाते हैं.
4. साबूदाना
सावन के व्रत में साबूदाना सबसे अधिक उपयोग किया जाता है. इससे खिचड़ी, वड़ा, खीर और टिक्की जैसी कई स्वादिष्ट और पौष्टिक डिश तैयार की जाती हैं. यह जल्दी ऊर्जा देने वाला भोजन माना जाता है.
किन चीजों से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है?
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सावन में कई लोग मांस, मछली और अन्य नॉनवेज खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करते. सात्विक भोजन अपनाने वाले लोग अंडे से भी परहेज करते हैं. इसके अलावा प्याज और लहसुन का उपयोग भी कई घरों में बंद कर दिया जाता है क्योंकि इन्हें सात्विक भोजन का हिस्सा नहीं माना जाता.
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बारिश के मौसम में ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ा सकता है. इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करने की सलाह दी जाती है.
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शराब और अन्य नशीले पदार्थों से भी इस महीने दूर रहने की परंपरा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय संयम और आत्मअनुशासन का होता है.
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इसके अलावा कई परिवार सावन में बासी भोजन नहीं खाते और प्रतिदिन ताजा भोजन बनाते हैं. कुछ स्थानों पर हरी पत्तेदार सब्जियों से भी परहेज किया जाता है क्योंकि बारिश के मौसम में इनमें कीड़े या गंदगी होने की संभावना अधिक रहती है.
लेखक: रवीना सिंह