आलू भारतीय रसोई की शान माना जाता है. इसके बिना हर सब्जी अधूरी रहती है चाहे, पराठा, पकौड़े या चाट हर डिश में आलू की मौजूदगी आम है. ऐसे में आलू की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि बाजार में केमिकल युक्त आलू बेचे जा रहे हैं, जिसकी वजह से आलू सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हो रहे हैं, खासकर बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए और आजकल मुनाफे की होड़ में कुछ व्यापारी आलू को जल्दी तैयार और आकर्षक दिखाने के लिए केमिकल्स का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे आलू बाहर से तो ताज़ा और साफ-सुथरे लगते हैं, लेकिन इनके अंदर छिपे रसायन लंबे समय में पाचन, त्वचा और इम्यून सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
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रंग देखकर करें पहली पहचान
आलू को काटकर देखना सबसे आसान तरीका है. अगर आलू अंदर और बाहर से एक जैसा हल्का पीला या क्रीमी रंग का है, तो यह नैचुरल माना जाता है. लेकिन अगर छिलका अलग रंग का हो और अंदर का हिस्सा बहुत सफेद या भूरा दिखे, तो सावधान हो जाइए. यह संकेत हो सकता है कि आलू को केमिकल से प्रोसेस किया गया है.
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सूंघकर पकड़ें सच्चाई
असली आलू की पहचान उसकी खुशबू से भी की जा सकती है. हाथ में आलू लेकर सूंघिए. अगर मिट्टी जैसी हल्की प्राकृतिक खुशबू आए, तो आलू सुरक्षित है. लेकिन अगर उसमें तेज़ अजीब या केमिकल जैसी बदबू महसूस हो, तो उसे इस्तेमाल करने से बचें. कई बार केमिकल की गंध हल्की होती है, लेकिन ध्यान से सूंघने पर समझ आ जाती है.
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पानी टेस्ट से खुलेगा राज
यह तरीका बेहद आसान और कारगर है. एक गहरे बर्तन में पानी भरें और आलू को उसमें डाल दें. अगर आलू नीचे डूब जाता है, तो वह असली और वजनदार है, लेकिन अगर वह पानी की सतह पर तैरने लगे, तो यह मिलावट या केमिकल प्रोसेसिंग का संकेत हो सकता है. आमतौर पर केमिकल से पकाए गए आलू हल्के होते हैं.
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छिलके से करें पहचान
असली आलू का छिलका पतला और आसानी से उतर जाता है. आप उंगलियों या चाकू से हल्का सा खुरचकर देख सकती हैं. अगर छिलका आसानी से निकल जाए और अंदर का हिस्सा मुलायम लगे, तो आलू सही है. वहीं नकली या प्रोसेस किए आलू का छिलका मोटा, सख्त और चिपका हुआ होता है, जो आसानी से नहीं उतरता.
केमिकल युक्त आलू से क्या समस्या होगी?
केमिकल से पके या प्रोसेस किए गए आलू लंबे समय तक सेवन करने से पेट की समस्याएं, एलर्जी, हार्मोनल असंतुलन और इम्यून सिस्टम कमजोर होने जैसी दिक्कतें पैदा कर सकते हैं, जिससे बच्चों के शरीर पर इसका असर और भी तेज़ पड़ सकता है. इसलिए थोड़ी सी सावधानी आपके पूरे परिवार की सेहत की सुरक्षा कर सकती है.