बाजारों में रसोई से जुड़ी हर चीज में मिलावट भारी मात्रा में की जा रही है चाहे वो देसी घी हो या फिर सरसों का तेल हर चीज में मिलावट की जा रही है. अभी हाल ही में सोशल मीडिया पर कई ऐसी वीडियों वायरल हो रही है, जिसमें अंडों को ‘प्लास्टिक का अंडा’ बताया जा रहा था, तो तो कभी अंडे को गर्म करने के बाद उसकी बनावट को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहें थे. ऐसे में लोगों के बीच भ्रम और चिंता पैदा हो गई है. चलिए आगे लेख में जानें असली-नकली अंडे की पहचान.
पानी में डालकर ऐसे जांचें अंडे की ताजगी
अंडे की ताजगी का अंदाजा लगाने के लिए आपको किसी महंगे उपकरण या विशेष मशीन की जरूरत नहीं है. आप इस आसान तरीके से कर सकते हैं जांच-
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सबसे पहले एक गहरे बर्तन में पानी भरें. इसके बाद अंडे को सावधानी से पानी में डाल दें. अब ध्यान से देखें कि अंडा पानी के अंदर किस स्थिति में रहता है.अगर अंडा पानी में नीचे जाकर सपाट स्थिति में बैठ जाता है, तो यह आम तौर पर उसके अपेक्षाकृत ताजा होने का संकेत माना जाता है.
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वहीं, अंडा नीचे जाकर खड़ा हो जाता है, तो इसका मतलब हो सकता है कि वह पहले की तुलना में पुराना है और उसके अंदर हवा की मात्रा बढ़ चुकी है. हालांकि, केवल इस टेस्ट के आधार पर अंडे के खाने योग्य या खराब होने का अंतिम फैसला नहीं करना चाहिए. अंडे को इस्तेमाल करने से पहले उसकी गंध, छिलके की स्थिति को भी जरुर जांच करें.
जर्दी और सफेदी मिल जाए तो क्या अंडा नकली है?
सोशल मीडिया पर कुछ वीडियों के जरिए यह दावा किया जाता है कि अंडे को फोड़ने पर अगर उसका पीला हिस्सा यानी जर्दी और सफेद हिस्सा आसानी से आपस में मिल जाए, तो वह अंडा प्लास्टिक का बना हुआ है, तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. अंडे के अंदर की संरचना समय के साथ बदलती रहती है. जैसे-जैसे अंडा पुराना होता है, उसकी अंदरूनी झिल्लियों और सफेदी की मजबूती कम हो सकती है. साथ ही जर्दी और सफेदी का आसानी से मिल जाना अपने आप में अंडे के प्लास्टिक या नकली होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता है.
अंडे खरीदते समय किन बातों का रखें ख्याल?
अगर आप बाजार से अंडे की खरीद करने के लिए जा रहे हैं, तो बाजार से अंडे खरीदते समय उनके छिलके को भी ध्यान से देखें. जिस अंडे का छिलका टूटा हुआ हो, उसमें दरार हो या वह असामान्य रूप से गंदा और क्षतिग्रस्त दिखाई दे, उसे खरीदने से बचना बेहतर है.
लेखक: रवीना सिंह