मानसून का मौसम जितना राहत भरा होता है उतना ही परेशानी खड़ा करने वाला यानी की इस बारिश के मौसम में अक्सर लोगों के सामने सीलन की परेशानी आती है, जिसके कारण रसोई में रखें गेंहू, चावल में सूंडी, घुन लगने का खतरा अधिक बढ़ जाता है और इस दौरान अनाज में फंगस लग जाती है और खराब होना शुरु हो जाता है. ऐसे में इस परेशानी से बचने के लिए इन घरेलू तरीकों को अपनाकर आप अनाज को सुरक्षित किया जा सकता है-
1. सरसों या अरंडी का तेल
बरसात का मौसम शुरु हो चुका है और इस दौरान सीलन की वजह से गेंहू, चावल यानी की अनाज खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में अगर आप अपने अनाज को कीड़े लगने से बचाना चाहते हैं, तो गेहूं के दानों पर बहुत कम मात्रा में सरसों या अरंडी का तेल को लगा कर आप अनाज पर कीड़ों के खतरे से बचाव कर सकते हैं और यह तरीका काफी घरों में भी इस्तेमाल किया जाता है.
2. नीम की सूखी पत्तियां
नीम की सूखी पत्तियां त्वचा की देखभाल समेत अनाज की सुरक्षा के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है, क्योंकि इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो त्वचा से लेकर अनाज तक को सुरक्षित रखते हैं. ऐसे में अगर आप इस बरसात के मौसम में सीलन के खतरे से घबरा रहे हैं और अनाज खराब होने के खतरे से डर रहे हैं, तो ऐसे में आप अपने अनाजों में नीम की ताजी पत्तियों को सुखा कर एक कपड़े में बांधकर गेहूं या चावल के ड्रम में जगह-जगह रख दें. इसकी खुशबू से अनाज में कीड़े लगने की परेशानी नहीं होगी.
3. ढेले वाला नमक
मानसून के मौसम में अनाज खराब होने का खतरा अधिक बना रहता है. ऐसे में यह ढेले वाला नमक आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. ग्रामीण इलाकों में देखा जाता रहा है कि इस बारिश वाले मौसम में महिलाएं अनाज के ड्रम में ढेले वाले नमक डाल देती है, जिसके उपयोग से यह फायदा होता है कि सूती कपड़े में छोटे-छोटे नमक के टुकड़ों को लपेटक रखने से अनाज में मौजूद एक्स्ट्रा मॉइस्चर सूख जाता है और इससे सीलन की समस्या भी नहीं होती है और कीड़े लगने का भी खतरा टल जाता है.
लेखक: रवीना सिंह