गर्मी का मौसम शुरु होते ही पशुपालकों के मन में चिंता घर कर लेती है, क्योंकि इस मौसम में पशुओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ जाता है. खासकर अप्रैल का महीना पशुपालकों के लिए परेशानी लेकर आता है. इस मौसम में पशुओं को लू (Heatstroke) का सामना करना पड़ता है और पशुओं में थकान, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं आती है. ऐसे में पशुपालक के लिए जरुरी है कि वह अपने पशुओं की सही देखभाल करें, ताकि उनसे अच्छा उत्पादन मिलता रहे.
कैसे पहचाने पशुओं में हीट स्ट्रोक के लक्षण
अगर आप पशुपालक है तो बड़े आसानी से पशुओं में हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचान सकते हैं. तेज गर्मी के कारण पशुओं में अगर इस तरह के लक्षण नजर आए- थकान, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं में कई पशु सुस्त पड़ जाते हैं, खाना कम कर देते हैं और कुछ मामलों में सांस लेने में भी दिक्कत होने लगती है. ये सभी लक्षण गंभीर स्थिति की ओर इशारा करते हैं.
धूप से बचाव है सबसे जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि पशुओं को ज्यादा देर तक तेज धूप में रखना उनके लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. धूप के कारण उनके शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए जरूरी है कि पशुओं को छायादार और हवादार स्थान पर रखा जाए, जहां उन्हें ठंडक मिल सके.
संतुलित आहार से बढ़ेगी रोग प्रतिरोधक क्षमता
गर्मी के मौसम में हरे चारे की कमी हो जाती है, जिससे पशुओं के पोषण पर असर पड़ सकता है. ऐसे में पशुपालकों को चाहिए कि वे पशुओं को खली, भूसा, मिनरल मिक्सचर और पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार दें. इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहती है और वे गर्मी के प्रभाव को बेहतर तरीके से सहन कर पाते हैं.
पानी की कमी बन सकती है बड़ी समस्या
गर्मी के दिनों में पशुओं को पर्याप्त मात्रा में पानी देना बेहद जरूरी है. दिन में कई बार साफ और हल्का ठंडा पानी पिलाना चाहिए. पानी की कमी से पशु डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकते हैं, जिससे उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है. इसलिए पानी के बर्तनों की साफ-सफाई और नियमित भराव पर खास ध्यान दें.
साफ-सफाई से दूर रहेंगी बीमारियां
गर्मी के मौसम में गंदगी और नमी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. पशुशाला की नियमित सफाई करना और कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव करना बेहद जरूरी है. इससे बैक्टीरिया और वायरस के फैलने की संभावना कम हो जाती है और पशु स्वस्थ रहते हैं.
टीकाकरण और नियमित जांच है जरूरी
इस मौसम में कई संक्रामक बीमारियां तेजी से फैलती हैं, इसलिए पशुओं का समय-समय पर टीकाकरण कराना बेहद जरूरी है. साथ ही, यदि किसी पशु में असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें. समय पर इलाज से गंभीर स्थितियों से बचा जा सकता है.
सरकारी शिविरों का उठाएं लाभ
पशुपालन विभाग द्वारा कई स्थानों पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां पशुओं की मुफ्त जांच और इलाज किया जा रहा है. पशुपालकों को चाहिए कि वे इन शिविरों का लाभ उठाएं और अपने पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं.
लेखक: रवीना सिंह