आजकल की इस भागदौड़ की जिंदगी में हर कोई अपनी डाइट में ऐसे सुपरफूड को शामिल करना चाहते हैं, जिसके सेवन से उनका शरीर स्वस्थ रहें और बीमारियों से भी दूर रहें. ऐसे में मानसून के मौसम में मिलने वाली एक बेहद पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर मौसमी ककोड़ा सब्जी जिसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, और विभिन्न विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. ये आपकी सेहत के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकती है.
बरसात में क्यों खास है ककोड़ा?
ककोड़ा मुख्य रूप से गर्म और बारिश वाले मौसम में बेलों पर उगता है. इसकी बेल झाड़ियों और दूसरे पौधों का सहारा लेकर फैलती है. गांवों में लोग इसे खेतों, मेड़ों और आसपास के इलाकों से तोड़कर घर लाते हैं. अच्छी तरह साफ करने के बाद इसकी सब्जी बनाई जाती है. कई जगह ककोड़ा को आलू के साथ पकाया जाता है. इसमें प्याज, लहसुन और स्थानीय मसालों का इस्तेमाल करके स्वादिष्ट सब्जी तैयार की जाती है. रोटी या दाल-चावल के साथ इसे खाया जाता है. यही वजह है कि जिन क्षेत्रों में ककोड़ा आसानी से उपलब्ध होता है, वहां बरसात के दिनों में इसकी मांग बढ़ जाती है.
क्या डायबिटीज में खा सकते हैं ककोड़ा?
अगर आप डायबिटीज के मरीज है और इस पोषक तत्वों से भरपूर सब्जी को अपनी डाइ़ट में शामिल करते हैं, तो इसके सेवन से आप का शरीर स्वस्थ रह सकता है. साथ ही ककोड़ा लेकर पारंपरिक रूप से ब्लड शुगर को नियंत्रित करने जैसे कई दावे किए जाते हैं. इस सब्जी के बीजों और पौधे से जुड़े कुछ प्रयोगशाला और पशु-अध्ययन भी हुए हैं, लेकिन ऐसे शुरुआती परिणामों को सीधे इंसानों पर लागू नहीं किया जा सकता.
क्या ककोड़ा खाने से बालों का झड़ना रुकता है?
ककोड़ा को बालों के लिए फायदेमंद बताने वाले दावे भी देखने को मिलते हैं. इसमें मौजूद पोषक तत्व संतुलित डाइट का हिस्सा जरूर हो सकते हैं, लेकिन सिर्फ ककोड़ा खाने से बालों का झड़ना रुक जाता है, इसका पुख्ता कोई गारंटी नहीं है.
साथ ही आपको बता दें कि बालों का झड़ना कई कारणों से हो सकता है, जिनमें पोषण की कमी, हार्मोनल बदलाव, तनाव और अन्य कारण शामिल हो सकते हैं. इसलिए लगातार बाल झड़ने की समस्या होने पर किसी एक सब्जी पर निर्भर रहने के बजाय इसके संभावित कारण का पता लगाना ज्यादा जरूरी है.
ककोड़ा खाते समय किन बातों का रखें ध्यान?
ककोड़ा खरीदते या तोड़ते समय ताजा और सही पहचान वाला फल ही इस्तेमाल करना चाहिए. इसे पकाने से पहले अच्छी तरह धोना जरूरी है. अगर ककोड़ा किसी स्थानीय बाजार या जंगल से लिया गया है तो उसकी पहचान को लेकर आश्वस्त होना भी जरूरी है.साथ ही किसी भी मौसमी सब्जी की तरह ककोड़ा को भी संतुलित मात्रा में और विविध आहार के हिस्से के रूप में खाना बेहतर है. इसे किसी बीमारी की दवा मानकर अत्यधिक मात्रा में खाना या डॉक्टर की बताई दवा बंद करना सही तरीका नहीं है.
नोट- अगर आप किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है, तो ककोड़ा सब्जी को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरुर लें..
लेखक: रवीना सिंह