अगर आप भी रोजाना शहद का सेवन करते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है. आजकल खान-पान जैसी चीजों में बढ़ती मिलावट के चलते लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का समाना करना पड़ता है, लेकिन अब तो शहद जैसी प्राकृतिक औषधि में भी मिलावट की जा रही है. नकली शहद को केमिकल और चाशनी से बनाया जा रहा है और बाजारों में जोरों से बेचा जा रहा है. ऐसे में मन में यह सवाल आ रहा होगा की कैसे करें असली और नकली शहद की पहचान. आइए यहां जानें.
शहद को क्यों कहां जाता है औषधि?
असली शहद का निर्माण मधुमक्खियों द्वारा फूलों के मीठे रस (नेक्टर) को इकट्ठा करके होता है, जिसे वे अपने शरीर के एंजाइमों से मिलाकर गाढ़ा करती हैं और छत्ते में जमा करती हैं, फिर पंखों से हवा करके नमी हटाती हैं, जिससे वह गाढ़ा और मीठा शहद बनता है और इसे प्राकृतिक औषधि इसलिए कहां जाता है, क्योंकि इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी) और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाएं जाते हैं, जिससे खांसी-जुकाम, घावों को भरने, पाचन सुधारने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और ऊर्जा देने जैसे कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं.
घावों और हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
आजकल घावों जैसी समस्या होना आम बात है, लेकिन ऐसे में हमें तलाश रहती है ऐसी औषधि की जो प्राकृतिक हो जिसके इस्तेमाल से कोई गलत प्रभाव न पड़े. ऐसे में शहद घावों के लिए एक सही विकल्प है, जो घावों को नम रखता है, बैक्टीरिया को मारता है और उन्हें जल्दी भरने में काफी हद तक मदद करता है.
वहीं, हृदय रोग भी आज के दौर में होना आम बात है. ऐसे में कुछ लोग दवाइयों का सेवन अधिक मात्रा में करना शुरु कर देते हैं और फिर उनकी सेहत पर बुरा असर होना शुरु हो जाता है. हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति अगर शहद का सेवन करना शुरु करते हैं, तो शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हृदय रोगों के जोखिम को कम करने और रक्तचाप को संतुलित करने में कामगार साबित हो सकता है.
ऐसे करें असली नकली की पहचान
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आजकल बाजारों में नकली शहद बहुत ही सफाई से बना कर बेचा जा रहा है. ऐसे में शहद की पहचान करना भी बेहद ही मुश्किल हो गया है, लेकिन इन घरेलू नुस्खों से बड़ी आसानी से शहद की पहचान की जा सकती है. इस प्रकार-
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अगर आप बाजार से शहद खरीद कर लाएं हो तो आप इसकी पहचान एक गिलास पानी में डालकर कर सकते है. शहद को पानी में डालकर यह देखे की शहद घुलने में कितना वक्त लेता है. अगर शहद जल्दी घुल जाता है, तो शहद नकली है और वहीं, अगर शहद गाढ़ा है और घुल देर से रहा है, तो समझ जाए यह असली शहद है.
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जब आप कभी बाजार से शहद खरीद कर लाए तो सबसे पहले शहद को उसकी खुशबू लें, क्योंकि असली शहद में हल्की और प्राकृतिक खुशबू होती है, जबकि केमिकल युक्त मिलावटी शहद में कोई खुशबू नहीं होती और अगर होती है, तो कृत्रिम खुशबू आती है, जिससे आप आसानी से असली और नकली शहद की पहचान कर सकते हैं.
नकली शहद के सेवन से क्या होगा नुकसान?
आजकल असली शहद मिल पाना बेहद ही मुश्किल है, क्योंकि बाजारों में नकली शहद की भऱमार है, जिसके सेवन से लोगों को कई तरह की समस्या हो सकती है, जिनमें पाचन से जुड़ी समस्याएं, वजन बढ़ना जैसी परेशानियां हो सकती है. ऐसे में इस बात का विशेष ध्यान रखें. अपनी भरोसेमंद दुकानों से ही शहद की खरीद करें, ताकि आप इस तरह की घातक बीमारी का शिकार न हो.