गेंहू के आटे को भारतीय रसोई का अहम हिस्सा माना जाता है. इससे रोटी, आलू के पराठे यानी की कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए जाते हैं. ऐसे में आटे में मिलावट सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकती है. इससे शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है और सेहत खराब हो सकती है. ऐसे में हर किसी के मन में यह सवाल आ रहा होगा की असली और नकली गेंहू के आटे की पहचान कैसे करें, तो इस सवाल का जवाब आपके पास है आप इन घरेलू तरीकों से आटे की पहचान चुटकियों में कर सकते हैं.
आटे की खरीद करते समय इन बातों का रखें ख्याल
अगर आप बाजार से आटा खरीदने के लिए जा रहे हैं, तो आटा खरीद करते समय पैकेट की सील, निर्माण और समाप्ति तिथि, ब्रांड की जानकारी और लेबल को ध्यान जरुर दे और साथ ही खुला आटा खरीदते समय भी उसकी गंध, रंग और बनावट पर ध्यान दें. अगर आटे में सामान्य गेहूं जैसी खुशबू नहीं है या उसका रंग और बनावट असामान्य लगती है, तो ऐसे आटे की खरीद बिल्कुल भी नहीं करें.
घर पर इन 3 तरीकों से करें आटे की जांच
1. नींबू की बूंदों से करें जांच
सबसे पहले थोड़ी मात्रा में आटा एक साफ कटोरी में लें. इसमें नींबू के रस की कुछ बूंदें डालकर प्रतिक्रिया को ध्यान से देखें. अगर असामान्य रूप से बुलबुले या झाग दिखाई देते हैं, तो यह किसी क्षारीय पदार्थ की मौजूदगी का संकेत हो सकता है और मिलावट का संदेह पैदा कर सकता है.
हालांकि, केवल बुलबुले उठने से यह निश्चित नहीं किया जा सकता कि आटा मिलावटी ही है. इसलिए इस टेस्ट के परिणाम को अंतिम प्रमाण न मानें.
2. पानी में डालकर देखें
दूसरे तरीके में एक पारदर्शी गिलास या बर्तन में पानी लें और उसमें थोड़ी मात्रा में आटा डालकर मिलाएं. कुछ समय बाद मिश्रण को ध्यान से देखें. आटे में मौजूद अलग-अलग पदार्थ पानी में अलग तरीके से व्यवहार कर सकते हैं. अगर कोई असामान्य पदार्थ अलग होकर नीचे बैठता है या पानी में ऐसी परत दिखाई देती है जो सामान्य आटे से अलग लगती है, तो मिलावट का संदेह हो सकता है.
3.हथेली पर रगड़कर बनावट जांचें
तीसरे तरीके में थोड़ी मात्रा में सूखा आटा हथेली पर लेकर हल्के हाथ से रगड़ें. सामान्य गेहूं के आटे की बनावट अपेक्षाकृत प्राकृतिक और मुलायम महसूस होती है. अगर आटा असामान्य रूप से चिकना, किरकिरा या अलग तरह की बनावट वाला महसूस हो, तो उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए.
संदिग्ध आटा मिले तो क्या करें?
अगर घरेलू जांच के बाद आपको आटे की गुणवत्ता पर संदेह होता है, तो उसे खाने के बजाय अलग रख दें. केवल घरेलू टेस्ट के आधार पर किसी व्यक्ति या कंपनी पर मिलावट का आरोप लगाने से बचें. जरूरत पड़ने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत की जा सकती है और आधिकारिक जांच करा सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह