Dragon Fruit Farming: ड्रैगन फ्रूट की खेती बना रही है अच्छी आमदनी का स्रोत, जानें लागत और मुनाफा! 16-17 अप्रैल को आयोजित होगा MIONP 2026: भारत को ऑर्गेनिक और लाभकारी कृषि की ओर ले जाने की पहल Success Story: बस्तर की मिट्टी से उभरी महिला एग्रीप्रेन्योर अपूर्वा त्रिपाठी, हर्बल उत्पादों से बना रहीं वैश्विक पहचान Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 9 October, 2024 3:16 PM IST
कम उम्र में होने लगी बच्चों की आंखें कमजोर, सांकेतिक तस्वीर

आज के दौर में ज्यादातर लोगों की आंखें कमजोर है. देखा जाए तो कम उम्र के बच्चों की भी आंखें दिन पर दिन कमजोर हो रही है, जिसके चलते उन्हें बचपन में ही चश्मा लग जाता है. इसका मुख्य कारण आज के खान-पान को माना जा रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ खान-पान से ही बच्चों की आंखे कमजोर नहीं हो रही है. इसके अन्य कई कारण है, जिनके बारे में आज हम आपने इस लेख में विस्तार से जानेंगे.

कम उम्र मे आँखो की रोशनी कम होने के कारण

आंखों का रोशनी प्रभावित होने का कारण रिफ्रैक्टिव एरर हो सकता है. जिसके कारण मायोपिया, हाइपोरिया की समस्या बढ़ जाती हैं. जब प्रकाश की किरणें सीधे आंखों पर पड़ती है तो देखने की क्षमता खत्म हो जाती हैं. ऐसे में जब हम घंटों-घंटो स्क्रिन के सामने बैठे रहते हैं तो आंखों पर स्क्रीन लाइटों का प्रभाव अधिक पड़ता है. जिससे आंखों की रोशनी कमजोर हो जाती हैं और हम देखने में असमर्थ हो जाते हैं.

नवजात शिशुओं की आँखों में कम रोशनी होने का कारण

जन्म के समय बच्चे की आंखें तेज रोशनी के प्रति बहुत संवेदनशील होती हैं, लेकिन अधिक संवेदनशीलता नवजात शिशुओं की आंखों की समस्याओं में से एक है, लेकिन एक या दो महिने के बाद भी ये प्रॉब्लम ऐसे ही है, तो यह आंखों में बढ़ते दबाव के कारण हो सकता है. साथ ही अगर बच्चों के रोते समय उनकी आंखों में हद से ज्यादा आंसू निकलता हो या आँख अंदर या बाहर की ओर मुड़ी हुई है तो यह भी कम रोशनी के लक्षण हो सकते हैं.

खराब डाइट आंखों पर डालता है प्रभाव

खराब खान-पान भी आपकी आंखों की रोशनी पर काफी हद तक प्रभाव डाल सकता है. हमारे शरीर को कई पोषक तत्वों की जरूरत होती है, जिससे शरीर का हर अंग बेहतर तरीके से काम करने में सक्षम रहे. ऐसे ही आखों के लिए भी विटामिन और मिनरल्स की आवश्यकता होती है. 

बचाव एवं उपचार

  1. आंखों की नियमित रूप से जांच करवाते रहना चाहिए.
  2. स्वस्थ रहने का प्रयास करें और योग व कसरत के माध्यम से अपनी सेहत को बनाए रखें.
  3. नियमित रूप से आंखों की एक्सरसाइज करें. जैसे कि- पलके झपकाना, पेंसिल पुशअप्स आदि.
  4. आंखों को धूप से बचाएं. धूप के चश्मे पहने जोUV  किरणों से बचाव करते हैं
  5. कम से कम स्क्रीन का उपयोग करें.

लेखक: नित्य दुबे

English Summary: Eyesight is decreasing before age
Published on: 09 October 2024, 03:24 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now