RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 8 January, 2026 5:19 PM IST
चना या रागी कौन-सा आटा सेहत के लिए फायदेमंद (Image Source-AI generate)

रोटी भारतीय थाली का अहम हिस्सा है और इसे स्वास्थ्य के हिसाब से सही आटे से बनाना बहुत जरुरी है. आज के समय में लोग अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए चने का आटा और रागी का आटा दोनों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सवाल यह है कि इन दोनों में से कौन-सा आटा सेहत के लिए अधिक लाभकारी है. अगर जानना है, तो इस लेख को पूरा पढ़ें.

चने का आटा

चने का आटा प्रोटीन का पावरहाउस है और इसे आमतौर पर बेसन कहा जाता है. साथ ही इसे प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है. यह खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो मसल बिल्डिंग (Muscle Building) कर रहे हैं या वजन कम करना चाहते हैं.

प्रोटीन की भरपूर मात्रा: चने के आटे में रागी की तुलना में अधिक प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों को बनाने और मजबूत करने में मदद करता है.

लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स: चने का आटा डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहतरीन माना जाता है. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम (लगभग 10) होता है, जिससे खून में शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता.

वजन घटाने में सहायक: चने के आटे में प्रोटीन और फाइबर अधिक होता है, इसलिए इसे खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती. यह फैट लॉस में भी मददगार है. यानी की चने के आटे का सेवन सेहत के लिए काफी लाभकारी है.

पाचन के लिए लाभकारी: इस आटे में फाइबर की अधिक मात्रा होने की वजह से पाचन तंत्र ठीक रहता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है.

रागी का आटा

रागी का आटा भी अपनी जगह सुपरफूड माना जाता है. इसमें आयरन की अधिक मात्रा पाई जाती है और यह आटा खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें हड्डियों की मजबूती की जरूरत है या एनीमिया जैसी समस्याएं हैं. आगे की कड़ी में जानें इस आटे की खासियत-

कैल्शियम का बेस्ट सोर्स: रागी में लगभग 344mg प्रति 100 ग्राम कैल्शियम पाया जाता है. यह हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करता है.

आयरन का अच्छा स्रोत: रागी आयरन का भी बेहतरीन स्रोत है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है.

पाचन में सहायक: रागी में डायटरी फाइबर अधिक होता है, जो कब्ज की समस्या को दूर करने में कारगर है. अगर आपको कब्ज जैसी समस्या होती है, तो इस आटे का सेवन भी राहत दिला सकता है.

शिशुओं और बच्चों के लिए फायदेमंद: बच्चों की हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए रागी सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है.

कौन सा आटा आपके लिए बेहतर?

डायबिटीज के मरीजों के लिए: अगर आपको डायबिटीज की समस्या है, तो चने का आटा आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम है.

हड्डियों की मजबूती और बच्चों के लिए: रागी का आटा सबसे ज्यादा लाभकारी है.

वजन कम करने के लिए: वजन घटाने में दोनों ही आटे मददगार हैं, लेकिन हाई प्रोटीन की वजह से चने का आटा थोड़ा ज्यादा कारगर माना जाता है.

नियमित सेवन के फायदे

चने और रागी के आटे का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए कई फायदे देता है. उदाहरण के लिए, चने का आटा प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होने के कारण भूख कम करता है और मसल्स बनाने में मदद करता है. वहीं रागी का आटा कैल्शियम और आयरन का बेहतरीन स्रोत होने के कारण हड्डियों को मजबूत करता है और खून की कमी दूर करने में मदद करता है.

खास बात यह है कि दोनों ही आटे में एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स पाए जाते हैं. ये हमारे शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने, एनर्जी बढ़ाने और स्वस्थ पाचन के लिए भी फायदेमंद हैं.

English Summary: Chickpea or ragi flour Know all about their health benefits
Published on: 08 January 2026, 05:25 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now