रोटी भारतीय थाली का अहम हिस्सा है और इसे स्वास्थ्य के हिसाब से सही आटे से बनाना बहुत जरुरी है. आज के समय में लोग अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए चने का आटा और रागी का आटा दोनों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सवाल यह है कि इन दोनों में से कौन-सा आटा सेहत के लिए अधिक लाभकारी है. अगर जानना है, तो इस लेख को पूरा पढ़ें.
चने का आटा
चने का आटा प्रोटीन का पावरहाउस है और इसे आमतौर पर बेसन कहा जाता है. साथ ही इसे प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है. यह खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो मसल बिल्डिंग (Muscle Building) कर रहे हैं या वजन कम करना चाहते हैं.
प्रोटीन की भरपूर मात्रा: चने के आटे में रागी की तुलना में अधिक प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों को बनाने और मजबूत करने में मदद करता है.
लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स: चने का आटा डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहतरीन माना जाता है. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम (लगभग 10) होता है, जिससे खून में शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता.
वजन घटाने में सहायक: चने के आटे में प्रोटीन और फाइबर अधिक होता है, इसलिए इसे खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती. यह फैट लॉस में भी मददगार है. यानी की चने के आटे का सेवन सेहत के लिए काफी लाभकारी है.
पाचन के लिए लाभकारी: इस आटे में फाइबर की अधिक मात्रा होने की वजह से पाचन तंत्र ठीक रहता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है.
रागी का आटा
रागी का आटा भी अपनी जगह सुपरफूड माना जाता है. इसमें आयरन की अधिक मात्रा पाई जाती है और यह आटा खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें हड्डियों की मजबूती की जरूरत है या एनीमिया जैसी समस्याएं हैं. आगे की कड़ी में जानें इस आटे की खासियत-
कैल्शियम का बेस्ट सोर्स: रागी में लगभग 344mg प्रति 100 ग्राम कैल्शियम पाया जाता है. यह हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करता है.
आयरन का अच्छा स्रोत: रागी आयरन का भी बेहतरीन स्रोत है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है.
पाचन में सहायक: रागी में डायटरी फाइबर अधिक होता है, जो कब्ज की समस्या को दूर करने में कारगर है. अगर आपको कब्ज जैसी समस्या होती है, तो इस आटे का सेवन भी राहत दिला सकता है.
शिशुओं और बच्चों के लिए फायदेमंद: बच्चों की हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए रागी सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है.
कौन सा आटा आपके लिए बेहतर?
डायबिटीज के मरीजों के लिए: अगर आपको डायबिटीज की समस्या है, तो चने का आटा आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम है.
हड्डियों की मजबूती और बच्चों के लिए: रागी का आटा सबसे ज्यादा लाभकारी है.
वजन कम करने के लिए: वजन घटाने में दोनों ही आटे मददगार हैं, लेकिन हाई प्रोटीन की वजह से चने का आटा थोड़ा ज्यादा कारगर माना जाता है.
नियमित सेवन के फायदे
चने और रागी के आटे का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए कई फायदे देता है. उदाहरण के लिए, चने का आटा प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होने के कारण भूख कम करता है और मसल्स बनाने में मदद करता है. वहीं रागी का आटा कैल्शियम और आयरन का बेहतरीन स्रोत होने के कारण हड्डियों को मजबूत करता है और खून की कमी दूर करने में मदद करता है.
खास बात यह है कि दोनों ही आटे में एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स पाए जाते हैं. ये हमारे शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने, एनर्जी बढ़ाने और स्वस्थ पाचन के लिए भी फायदेमंद हैं.