RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 22 January, 2026 12:06 PM IST
अपराजिता का बैंगनी फूल इन रोगों से रखता है दूर (Image Source-AI generate)

अपराजिता (Butterfly Pea) फूल की खेती भारत के कई राज्यों में होती है, खासकर गर्म और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में, जैसे उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में इस फूल की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. साथ ही आयुर्वेद में इसे औषधीय गुणों का खजाना माना गया है. धार्मिक मान्यताओं से लेकर आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों तक, अपराजिता का फूल शरीर और मन-दोनों पर सकारात्मक असर डालता है. यही वजह है कि आजकल हर्बल चाय, स्किन केयर और वेलनेस ड्रिंक्स में भी इसका खूब इस्तेमाल हो रहा है.

धार्मिक आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक

हिंदू धर्म में अपराजिता के पौधे को अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि घर में इसका पौधा लगाने से नकारात्मक ऊर्जा का खातमा होता हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है. साथ ही भगवान शिव, विष्णु, माता दुर्गा, लक्ष्मी, हनुमान जी और शनि देव को यह फूल अर्पित करना बेहद ही फलदायी माना जाता है.

अपराजिता में क्या आयुर्वेदिक गुण है?

आयुर्वेद के अनुसार अपराजिता के फूल, पत्ते और जड़-तीनों में ही आयुर्वेदिक गुण पाएं जाते हैं. इसमें एंथोसायनिन, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल तत्व पाए जाते हैं. ये तत्व शरीर को डिटॉक्स करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं.

इन 5 बड़ी बीमारियों में फायदेमंद

1. दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी

अपराजिता को ‘मेड्या रसायन’ माना जाता है. अगर आप इस फूल का नियमित सेवन कर रहे हैं, तो तनाव, चिंता और अनिद्रा जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. छात्रों और मानसिक कार्य करने वालों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है.

2. आंखों की रोशनी बढ़ाने में कामगार

आजकल आंखों की समस्या होना आम बात हो गई है. ऐसे में अगर आप इस फूल का प्रयोग करते हैं, तो आंखों से जुड़ी समस्याओं से राहत मिल सकती है. साथ ही कंजेक्टिवाइटिस, आंखों की जलन और थकान में इसके काढ़े या जल का उपयोग लाभ देता है. इसके अलावा एंटीऑक्सीडेंट गुण आंखों को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं.

3. महिलाओं की समस्याओं में फायदेमंद

महिलाएं पीरियड्स के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, अनियमित माहवारी की परेशानी को झेलती है. ऐसे में हार्मोनल असंतुलन में अपराजिता के फूल उपयोगी माने जाते हैं. यह शरीर को ठंडक देता है और दर्द व कमजोरी को कम करने में भी मदद करता है.

4. पाचन तंत्र और वजन नियंत्रण

पाचन तंत्र और वजन नियंत्रण की समस्या एक आम समस्या है, जिससे अधिकतर लोग पीड़ित है. ऐसे में उन्हें कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं होती है. इन परेशानियों से निपटने के लिए अगर वह इस फूल का सेवन करते हैं, तो यह लाभकारी हो सकता है. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाते हैं, जिससे वजन घटाने में भी मदद मिलती है.

5. ब्लड शुगर और हृदय स्वास्थ्य में लाभकारी

आजकल की भागदौड़ की जिंदगी में लोग अपने खाने-पीने का सही ढंग से ख्याल नहीं रख पाते हैं और यहीं कारण होता हैं कि वह ब्लड शुगर और हृदय रोग जैसी घातक बिमारियों की चपेट में आ जाते हैं. इन बिमारियों से पीड़ित व्यक्ति अगर अपराजिता फूल का सेवन करते हैं, तो वह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने से साथ कोलेस्ट्रॉल संतुलन बनाए रखकर हृदय स्वास्थ्य को बेहतर रख सकते हैं.

कैसे करें सेवन?

अगर आप अपराजिता फूल का सेवन करना चाहते हैं, तो आप अपराजिता फूल की चाय बनाकर इसका सेवन कर सकते हैं-

सामग्री:

  • 4-5 ताजे या सूखे अपराजिता फूल

  • 1 कप पानी

  • स्वाद के लिए शहद, नींबू या तुलसी

विधि:

  • सबसे पहले आप पानी को उबाल लें.

  • उसके बाद उबलते पानी में अपराजिता के फूल डालकर 5-7 मिनट तक पकाएं.

  • फिर इसे छानकर कप में डालें और स्वादानुसार शहद या तुलसी मिलाएं.

  • साथ ही अगर आप नींबू डालते हैं, तो चाय का रंग नीले से बैंगनी हो जाता है, जो इसके एंथोसायनिन का संकेत है.

जरूरी नोट

अपराजिता एक प्राकृतिक औषधि है, लेकिन अगर आप किसी गंभीर बीमारी को झेल रहे हैं या फिर गर्भावस्था या दवा चल रही हो तो सेवन से पहले आयुर्वेदिक विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह जरुर लें और फिर उसके बाद इस फूल सेवन करें.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Aprajita Flower Health Benefits is beneficial for these 5 diseases learn how to consume it.
Published on: 22 January 2026, 12:13 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now