अगर आप ऐसे किसी पौधे की तलाश में है, जो घर की बालकनी की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ औषधीय पौधा हो तो. ऐसे में आपके लिए अपराजिता का पौधा एक बेहतरीन विकल्प को सकता है. इस पौधे के नीले, सफेद या बैंगनी रंग के खूबसूरत फूलों वाला ये पौधा घर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ औषधि का भी काम करता है, जिसके फूलों की चाय का सेवन शरीर के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है.
ऐसे लगाएं अपराजिता का पौधा
अपराजिता का पौधा आप बीज या कटिंग से आसानी से लगा सकते हैं. इसे लगाने के लिए आप 8 से 12 इंच का गमला लें, जिसमें पानी निकासी के लिए छेद हो. मिट्टी में सामान्य बगीचे की मिट्टी, कोकोपिट और वर्मी कंपोस्ट बराबर मात्रा में मिलाएं. इसके बाद सूखे बीजों को मिट्टी में आधा इंच गहरा बोएं और हल्का पानी छिड़कें. इसके बाद 10-15 दिनों में अंकुरण हो जाएगा. साथ ही इस बात का ख्याल रखें की यह एक बेलदार पौधा है, इसलिए इसे बढ़ने के लिए रस्सी या डंडे का सहारा (ट्रेलिस) जरूर दें और पौधे को रोजाना 3 से 6 घंटे की धूप में रखें साथ ही हर महीने जैविक खाद दें.
अपराजिता का पौधा क्यों हैं खास?
अपराजिता (Butterfly Pea) का पौधा धार्मिक और औषधीय कारणों की वजह से बेहद ही खास माना जाता है. साथ ही आपको बता दें कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसके नीले फूल भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और शनिदेव को अत्यंत प्रिय हैं, जो घर में सुख-समृद्धि लाता है. इसलिए अपराजिता के पौधे को अधिकतर लोग अपने घरों में लगाना पसंद करते हैं.
अपराजिता के स्वास्थ्य लाभ क्या है?
अपराजिता के पौधे को आयुर्वेद में इसे 'शंखपुष्पी' की तरह ब्रेन टॉनिक माना गया है, जो कई रोगों में कामगार माना जाता है कुछ इस प्रकार-
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अपराजिता के फूलों में एंथोसाइनिन जैसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं.
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अगर आपकी याददाश्त कमजोर हैं तो अपराजिता का इस्तेमाल स्मरण शक्ति और मानसिक एकाग्रता को बेहतर बनाए रखने में मददगार साबित हो सकता है.
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अगर आप चाय पीने के शौकीन है, तो इसके फूलों से कैफीन-फ्री नीली चाय बनाई जाती है, जिसे नींबू मिलाने पर इसका रंग बैंगनी हो जाता है, जिसका सेवन सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इसके अलावा, इसके फूलों से बनी 'ब्लू टी' (Blue Tea) एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो वजन घटाने, डायबिटीज नियंत्रण में भी मददगार साबित हो सकती है.
नोट- अपराजिता के पौधे का सेवन दवाई के रुप में बिल्कुल भी नहीं करें और अगर आप इसके फूलों से बनी 'ब्लू टी' पीना चाहते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इसका सेवन करें.
लेखक: रवीना सिंह