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Updated on: 29 May, 2026 6:15 PM IST
टॉप 5 उन्नत मक्का किस्में (Image Source-AI generate)

आज के समय में किसानों को आय बढ़ाने और पोषण स्तर को सुधारने के लिए उन्नत फसलों की तलाश रहती है. ऐसे में मक्का की खेती में नई-नई संकर (हाइब्रिड) और बायोफोर्टीफाइड किस्में किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा) द्वारा विकसित कुछ ऐसी ही बेहतरीन किस्में हैं, जो अधिक उत्पादन देने के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर हैं. 

आइए जानते हैं टॉप 5 मक्का की उन्नत किस्मों के बारे में विस्तार से-

1. पूसा एच.क्यू.पी.एम.-1 (HQPM-1)

पूसा एच.क्यू.पी.एम.-1 देशभर के किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है. यह किस्म खरीफ, रबी और वसंत तीनों मौसम में उगाई जा सकती है. किसान अगर इस फसल का चुनाव करते हैं, तो वह मात्र  111 से 129 दिनों में इस किस्म से औसत पैदावार 64.2 से 83.9 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक प्राप्त कर सकते हैं.

खासियत- मक्का की इस किस्म की खासियत यह है कि इस किस्म में प्रो-विटामिन-ए (7.02 पी.पी.एम.), लाइसिन (4.59%) और ट्रिप्टोफैन (0.85%) की अधिक मात्रा पाई जाती है, जिससे यह पोषण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. यानी इस उच्च गुणवत्ता वाली किस्म से किसान अधिक मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं.

2. पूसा एच.क्यू.पी.एम.-5 (HQPM-5)

पूसा एच.क्यू.पी.एम.-5 एक बहुउपयोगी किस्म है, जिसे देश के लगभग सभी क्षेत्रों में उगाया जा सकता है. यह खरीफ, रबी और वसंत तीनों मौसमों में अच्छी पैदावार देती है. इसकी औसत पैदावार 53.5 से 75.1 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होती है. यानी अगर किसान इस किस्म की पैदावार करते हैं, तो  वह 90 से 128 दिनों में तैयार कर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.

खासियत- पूसा एच.क्यू.पी.एम.-5 किस्म किसानों के लिए बेहद ही उन्नत किस्म साबित हो सकती है. इसमें प्रो-विटामिन-ए (6.77 पी.पी.एम.), लाइसिन (4.25%) और ट्रिप्टोफैन (0.94%) की भरपूर मात्रा होती है, जिससे इसकी गुणवत्ता और भी बेहतर हो जाती है और इससे किसानों की अधिक कमाई होने की संभावना बढ़ जाती है.

3. पूसा सुपर स्वीट कॉर्न-2

यह किस्म खासतौर पर हरे भुट्टों (ग्रीन कॉर्न) के लिए जानी जाती है. इस किस्म से किसान पैदावार लगभग 95 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक प्राप्त कर सकते हैं, जो अन्य किस्मों की तुलना में काफी अधिक है. यह केवल 77 दिनों में तैयार हो जाती है, जिससे किसानों को जल्दी मुनाफा मिलता है.

खासियत-  मक्का की इस किस्म में ब्रिक्स स्तर 16.4% तक होता है, जो इसकी मिठास को बढ़ाता है. यही कारण है कि बाजार में इसकी मांग अधिक रहती है.

(Image Source-AI generate)

4. पूसा एच.क्यू.पी.एम.-7 (HQPM-7)

यह किस्म विशेष रूप से प्रायद्वीपीय क्षेत्रों के किसानों के लिए विकसित की गई है. इसकी औसत पैदावार 74.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है और यह लगभग 97 दिनों में पककर तैयार हो जाती है. यानी की किसान इस किस्म से बेहद ही कम दिनों में अधिक उपज प्राप्त कर अच्छी कमाई कर सकते हैं.

खासियत- मक्का की इस किस्म में प्रो-विटामिन-ए (7.10 पी.पी.एम.), लाइसिन (4.19%) और ट्रिप्टोफैन (0.93%) की उच्च मात्रा पाई जाती है. यह किस्म पोषण और उत्पादन दोनों के मामले में काफी अच्छी मानी जाती है.

5. पूसा बायोफोर्टीफाइड संकर मक्का-1

किसानों के लिए यह किस्म खासतौर पर पोषण को ध्यान में रखकर विकसित की गई है. इसकी औसत पैदावार 54 से 76 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होती है. यह लगभग 86 से 107 दिनों में तैयार हो जाती है. यानी अगर किसान इस किस्म की पैदावार करते हैं, तो वह कम समय में अधिक उपज पा सकते हैं.

खासियत- मक्का की इस किस्म में प्रो-विटामिन-ए (6.60 पी.पी.एम.), लाइसिन (3.37%) और ट्रिप्टोफैन (0.72%) पाया जाता है. यह किस्म खासकर उन क्षेत्रों के लिए फायदेमंद है जहां पोषण की कमी एक बड़ी समस्या है. यानी यह किस्म उच्च गुणवत्ता और पोषण से भरपूर है.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Top 5 Maize Varieties High Yield Farming India know high production Full details
Published on: 29 May 2026, 06:22 PM IST

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