आज के समय में कृषि क्षेत्र में कई नए बदलाव देखने को मिल रहे हैं. खासकर मक्का उत्पादन के क्षेत्र में.भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा) द्वारा विकसित उन्नत संकर (हाइब्रिड) मक्का किस्में किसानों के बीच लोकप्रिय होती जा रही हैं और ये समय खरीफ फसलों का चल रहा है. ऐसे में किसान अगर मक्का की इन टॉप-5 उन्नत किस्मों को अपनाते हैं, तो बढ़िया उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.
1.पूसा विवेक संकर-27
पूसा विवेक संकर-27 को विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विकसित किया गया है. यह किस्म खरीफ मौसम के लिए उपयुक्त है और सिंचित परिस्थितियों में अच्छी पैदावार देती है. अगर किसान भाई इस किस्म को अपनाते हैं, तो इससे लगभग 48.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त कर सकते हैं. साथ इस किस्म की खासियत है कि ये लगभग 84 दिनों में तैयार हो जाती है, जिससे किसानों को जल्दी फसल मिलती है.
2.पूसा एच.क्यू.पी.एम.-5
यह किस्म देशभर में उगाई जा सकती है और खरीफ, रबी व बसंत तीनों मौसमों के लिए उपयुक्त है. इसकी औसत उपज अलग-अलग क्षेत्रों में 51 से 75 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक दर्ज की गई है. साथ ही अगर किसान इस फसल की बुवाई करते हैं, तो 90 से 128 दिनों में ही तगड़ी उपज प्राप्त कर सकते हैं. इस किस्म की सबसे बड़ी खासियत है उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, जिसमें लाइसिन और ट्रिप्टोफैन जैसे आवश्यक अमीनो एसिड अधिक मात्रा में मौजूद होते हैं. यह पशु चारा और मानव पोषण दोनों के लिए फायदेमंद है.
3.पूसा एच.क्यू.पी.एम.-7
पूसा एच.क्यू.पी.एम.-7 भी एक उन्नत संकर किस्म है, जो खासकर प्रायद्वीपीय क्षेत्रों के लिए उपयुक्त मानी जाती है. इस किस्म की बुवाई कर किसान मात्र 97 दिनों के भीतर ही 74.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त कर सकते हैं. यह किस्म किसानों को बेहतर उत्पादन के साथ-साथ बाजार में अच्छी कीमत दिलाने में मदद करती है.
4.पूसा सुपर स्वीट कॉर्न-2
यह किस्म खास तौर पर स्वीट कॉर्न के रूप में जानी जाती है और इसका उपयोग सब्जी तथा प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर किया जाता है. यह हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में इस किस्म को सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है. अगर इन राज्यों के किसान इस किस्म की खेती करते हैं. इससे 95 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक. केवल 77 दिनों के भीतर ही प्राप्त कर सकते हैं. इस किस्म की खासियत है कि इसके दानों में मिठास होती है और इससे हरे चारे की भी अच्छी उपलब्धता होती है.
पूसा बेबीकॉर्न हाइब्रिड-1 (एचएम 7043)
पूसा बेबीकॉर्न हाइब्रिड-1 (एचएम 7043) इस क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय है. यह किस्म लगभग 60 दिनों में तैयार हो जाती है और विभिन्न क्षेत्रों में 12 से 19 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज देती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह जल्दी तैयार होती है और इससे कई बार फसल ली जा सकती है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ती है. यानी की अगर किसान भाई इस सीजन इन किस्मों की खेती करते हैं, तो बढ़िया उपज प्राप्त कर अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह