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Updated on: 20 March, 2026 2:45 PM IST
ICAR द्वारा विकसितअरहर की टॉप 5 किस्में (Image Source- shutterstock)

मार्च का महीना चल रहा है और देशभर के किसान भाई खरीफ फसलों की बुवाई में व्यस्त है, लेकिन कुछ ऐसे किसान है, जिनके मन में यह सवाल है कि इस खरीफ सीजन में उन्हें किस फसल से बेहतर उपज मिल सकती है. ऐसे में अरहर की खेती किसानों के मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है. साथ ही किसान अगर इस फसल की बुवाई जून के दूसरे सप्ताह में करते हैं, तो बढ़िया उत्पादन पा सकते हैं और तगड़ी आय अर्जित कर सकते हैं.

आइए आगे इसी क्रम में जानते हैं अरहर की ICAR द्वारा विकसित इन टॉप 5 किस्मों के बारे में विस्तारपूर्वक-

1. पूसा अरहर 16

खरीफ सीजन की अरहर की पूसा अरहर 16 किस्म किसानों की बढ़िया आमदनी होने की संभावनाओं को बढ़ा सकती है, क्योंकि यह किस्म 120 दिनों के भीतर ही पककर तैयार हो जाती है और किसानों को 19-21क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की उपज प्रदान करती है. इसके अलावा, इस किस्म की यह खासियत है कि यह जल्दी परिपक्वता होने के बाद किसान अन्य फसल की बुवाई कर सकते हैं. 

2. पूसा अरहर 151(पूसा श्रीजीता)

पूसा अरहर 151(पूसा श्रीजीता) किस्म बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम इन क्षेत्रों के किसानों के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकती है, क्योंकि इन इलाकों में इस किस्म के लिए मौसम अनुकूल रहता है और ऐसे में किसान इस किस्म की खेती कर करीबन 20-27 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन केवल 241 दिनों में पा सकते हैं.

साथ ही इस किस्म की पहचान इसके मोटे बीजों से की जा सकती है. इसके अलावा, इसमें प्रोटीन 23.6% तक पाया जाता है, यानी की इस किस्म का सेवन सेहत के लिए भी काफी लाभकारी होगा और बाजार में भी इसकी अच्छी कीमत मिलने की गुंजाइश है.

3. पूसा अरहर 2017-1

अरहर की खेती देशभर के किसान करते हैं, लेकिन अगर किसान इस फसल की यह किस्म पूसा अरहर 2017-1 को अपनाते हैं तो बढ़िया उपज पा सकते हैं, क्योंकि यह किस्म जल्दी पकने वाली किस्मों में आती है, जो किसानों को 122 दिनों में 21क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की उपज आसानी से प्रदान करती है, जिससे किसानों की आमदनी में इजाफा होने की संभावना बढ़ सकती है.

4. पूसा अरहर 2018-2

पूसा अरहर 2018-2 किस्म राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बहुत उपयुक्त किस्म है, जो कम अवधि यानी 133 दिनों में ही कटाई के लिए तैयार हो जाती है और कम समय के बावजूद भी किसान इस किस्म से 20-23 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं और तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं.

5. पूसा अरहर 2018-4

अगर किसान अरहर (तुअर) की खेती कम लागत में उच्च मुनाफा देने वाली एक प्रमुख दलहनी फसल है, ऐसे में किसान अगर पूसा अरहर 2018-4 किस्म का चुनाव करते हैं तो बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. यह किस्म इन क्षेत्रों जिनमें पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए उत्तम किस्म है, जिससे किसान 143 दिनों में 16-23 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक अच्छी पैदावार पा सकते हैं.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Top 5 Arhar varieties developed by ICAR will yield up to 27 quintals for farmers
Published on: 20 March 2026, 02:52 PM IST

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