Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 19 January, 2026 4:53 PM IST
खीरे की टॉप 3 हाई-यील्ड किस्में (Image Source-AI generate)

किसान भाई अगर फरवरी के महीने में खीरे की इन पूसा पार्थेनोकार्पीक खीरा-6, पूसा लॉन्ग ग्रीन( डी.सी-83), पूसा पार्थेनोकार्पीक खीरा हाइब्रिड-1 टॉप 3 किस्मों की बुवाई करते हैं, तो तगड़ी आय अर्जित कर सकते हैं. यह किस्में (ICAR) भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा विकसित की गई है. अगर किसान भाई खीरे की इन उन्नत किस्मों का चुनाव करते हैं, तो वह कम समय में अच्छा उत्पादन करके मालामाल हो सकते हैं.

आगे जानें खीरे की इन टॉप 3 किस्मों से कितना मिलेगा उत्पादन-

पूसा पार्थेनोकार्पीक खीरा-6

किसान अगर पूसा पार्थेनोकार्पीक खीरा-6 की बुवाई करते हैं, तो वह 40-45 दिनों के भीतर पहली फसल पा सकते हैं. साथ ही खीरे की इस किस्म की साल में कई बार (जैसे चार बार) इसकी खेती की जा सकती है और इस किस्म से किसान औसत उपज 130.0 टन/हेक्टेयर की उपज प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा खीरे की यह किस्म गहरे हरे, चमकदार बेलनाकर की होती है, जिससे बाजार में इस किस्म की अच्छी बिक्री होती है और किसान इससे बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.

पूसा लॉन्ग ग्रीन( डी.सी-83)

किसान भाई अगर फरवरी के माह में खीरे की इस किस्म की बुवाई करते हैं, तो वह इससे करीबन 18.0 टन/हेक्टेयर की उपज प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही खीरे की यह किस्म पंजाब, उत्तरप्रदेश, बिहार और झारखंड के किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, और अगर इसकी बेलें की बात करें, तो यह मजबूत होती हैं, इसके अलावा किसान 150-160 ग्राम तक औसतन वजन के फल प्राप्त कर सकते हैं. जिससे किसानों को बाजारों में इस किस्म से अच्छे दाम मिल सकते हैं और किसानों की आय में भी इजाफा हो सकता है.

पूसा पार्थेनोकार्पीक खीरा हाइब्रिड-1

पूसा पार्थेनोकार्पीक खीरा हाइब्रिड-1 यह खीरे की किस्म किसानों के लिए मुनाफे का सौदा सबित हो सकती है. अगर इस किस्म को पॉलीहाउस या नेट हाउस में ठंड के मौसम (ऑफ-सीजन) में उगाया जाए तो यह किस्म किसानों को बढ़िया उपज देने में सक्षम किस्म है. साथ ही इस किस्म से किसान 40-45 दिनों के भीतर पहली कटाई प्राप्त कर सकते हैं और 143.6 टन/हेक्टेयर तक उपज पा सकते हैं.

बीज, खाद, खरपतवार नियंत्रण जानें

  • जब बेल में फूल आना शुरु हो जाए तब खुराक के रुप में 1 प्रतिशत यूरिया के घोल का छिड़काव करें.

  • उसके बाद फूल आने की अवस्था में हर पांचवे दिन फसल सिंचाई करें.

  • इसके अलावा खरपतवार नियंत्रण के लिए दो बार निराई करें.

  • अगर आप ऐसे ही फसल का ध्यान रखते हैं, तो अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Top 3 high-yielding cucumber varieties and Farmer get big profits
Published on: 19 January 2026, 04:59 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now