RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 7 October, 2019 9:24 AM IST

शीतकालीन सब्जियों में फूल गोभी एक लोकप्रिय सब्जी है. इसकी खेती आमौतर पर हर राज्य में की जाती है. लेकिन मुख्य रुप से इसकी खेती ऐसे क्षेत्रों में की जाती है जहां तापमान 15 से 20 डिग्री तक रहता है. इसका उपयोग कई तरह के सब्जियों, व्यंजनों या सूप के तौर पर की जाती है. इसके अलवा, अचार या पकौड़े के रूप में भी इसकी भारी मांग है. चलिये आपको बताते हैं कि कैसे विज्ञानिक तौर पर गोभी की खेती की जा सकती है.

जलवायुः

फूल गोभी की खेती करने के लिये ठड़ी एवं आर्द्र जलवायु सबसे उपयुक्त मानी जाती है. इसकी बुवाई का समय 30 अक्टूबर से पहले-पहले कर देना ज्यादा फायदेमंद है.

उन्नत किस्मेः

फूलगोभी को कई वर्गों में बाँटा गया है. उन्नत किस्मों की बात करें तो उस पर तापमान तथा प्रकाश अवधि का बहुत प्रभाव पड़ता है. फूलगोभी को तीन भागों में बांटा जा सकता है, जैसे- अगेती, मध्यम और पिछेती. अगेती किस्मों में अर्ली कुंआरी, पूसा कतिकी, पूसा दीपाली, समर किंग आदि का नाम प्रमुख है. वहीं मध्यम किस्मों में पन्त शुभ्रा, पूसा शुभ्रा, पूसा सिन्थेटिक आदि लोकप्रिय है. जबकि पिछेती किस्मों में पूसा स्नोबाल- 1, पूसा स्नोबाल- 2 की भारी मांग है.

ऐसे करें रोपाईः

इसकी रोपाई में कतार से कतार एवं पौधे से पौधे की दूरी का ख्याल रखना जरूरी है. विशेषज्ञों की माने तो कतार से कतार एवं पौधे से पौधे की दूरी 45 से 45 सेमी होनी चाहिये. जबकि पिछेती किस्मों के लिये कतार से कतार और पौधे से पौधे की दूरी 60 से 45 सेमी के आसपास होनी चाहिये.

ऐसी मिट्टी का करे चयनः

फूल गोभी की खेती बलुई दोमट मिट्टी पर करना फायदेमंद है. इसके लिये जीवांश की प्रचुर मात्रा होना भी लाभकारी है. रोपाई से पूर्व खेत की जुताई दो से तीन बार कर देना सही है. जबकि खाद के रूप में 200-250 क्विंटल सड़ी हुई गोबर खाद का प्रयोग करना लाभकारी है.  

English Summary: this is the right time for soing of Cauliflower will give you huge profit
Published on: 07 October 2019, 09:26 AM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now