देश में गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. साथ ही फरवरी का महीना भी चल रहा है, जोकि इस फसल के लिए बेहद ही उत्तम समय माना जाता है. कह सकते हैं कि फरवरी से मार्च के अंतिम सप्ताह तक बुवाई का पीक सीजन होता है और इस समय किसान अगर गन्ने की इन टॉप 3 किस्मों COLK–14201, CO–15023, Co.शा. 14233 की बुवाई करते हैं, तो अच्छी आमदनी अर्जित कर सकते हैं.
गन्ने की टॉप 3 किस्में-
1.COLK–14201
किसान अगर गन्ने की इस किस्म COLK–14201 को अपनाते हैं अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं, क्योंकिइस किस्म में रोग-रहित प्रकृति और गिरने के प्रति सहनशीलता रहती है, जो खेतों में बुवाई के बाद फसल खेतों में अच्छी स्थिरता दिखाती है. साथ ही इस किस्म की यह खासियत है कि इस फसल का गन्ना नीचे की तरफ से काफी मोटे साइज का होता है और जिसका वजन करीबन 2 से 2.5 किलोग्राम तक होता है.
वहीं, किसान भाई अगर इस किस्म की खेती करते हैं, तो वह इस किस्म से प्रति एकड़ 400 से 420 क्विंटल तक पैदावार पा सकते हैं और बाजार में इस किस्म के अच्छे दाम पाकर आमदनी में बढ़ोतरी कर सकते हैं.
2. CO–15023
गन्ने की यह किस्म CO–15023 किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है और इसके पीछे का कारण यह है कि यह किस्म 8 से 9 महीने में पककर तैयार हो जाती है, जिस वजह इस किस्म को बहुत किसान अपनाते हैं. साथ ही इस किस्म को CO–0241 और CO–08347 किस्मों के संकरण द्वारा तैयार किया गया है और इस किस्म में अन्य किस्मों से अधिक रोग-प्रतिरोधक क्षमता है, जो इस किस्म को खास बनाता है.
बता दें कि गन्ने की यह किस्म हल्की और रेतीली जमीन पर अच्छा प्रदर्शन दिखाती है, जिन किसानों की जमीन की मिट्टी रेतीली है. उन किसानों को इस किस्म की बुवाई करने पर अच्छा उत्पादन प्राप्त हो सकता है. अगर इस गन्ने की किस्म की पैदावार की बात करें, तो इस किस्म से किसानों को औसतन 400 से 450 क्विंटल प्रति एकड़ तक उत्पादन प्राप्त हो सकता है, जिससे किसानों की तगड़ी आय होने की संभावना बन सकती है.
3. Co.शा. 14233
गन्ने की यह किस्म किसानों के लिए सही विकल्प साबित हो सकती है. अगर जो किसान गन्ने की लेट बुवाई करना सोच रहे हैं, तो वह इस किस्म की बुवाई अक्टूबर से मार्च तक कर सकते हैं. साथ ही यह किस्म लालसड़न (Red Rot) रोग के प्रति मध्यम प्रतिरोधी मानी जाती है. वहीं, अगर गन्ने की इस किस्म की उपज की बात करें तो किसान इस किस्म से लगभग 87 से 93 टन प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह