देश के किसान विभिन्न फसलों की खेती करते हैं, लेकिन सबसे अधिक पसंद की जानें वाली फसल गन्ने की है, जिसकी खेती किसान बड़े पैमाने पर करते हैं, क्योंकि इस फसल में किसानों की मेहनत और लागत कम लगती है और कमाई दोगुनी हो जाती है. साथ ही किसानों को गन्ने की फसल से तीन दफा उत्पादन मिल जाता है. ऐसे में बसंतकालीन मौसम में अगर किसान ICAR द्वारा विकसित इन टॉप तीन किस्मों Co 0238 (करण4), Co 05011 (करण-9), Co 16030 (करण-16) का चुनाव करते हैं, तो तगड़ी आमदनी कमा सकते हैं.
आइए जानते हैं इस लेख में गन्ने की टॉप तीन किस्मों के बारे में विस्तार से-
1. Co 0238 (करण 4)
अगर आप किसान है और गन्ने की खेती करने की सोच रहे हैं, तो Co 0238 (करण 4) गन्ने की एक बेहद लोकप्रिय, उच्च उपज और उच्च शर्करा वाली किस्म है, जिसे अद्भुत किस्म के रूप में भी जाना जाता है. साथ ही इस किस्म को 2009 में करनाल के गन्ना प्रजनन संस्थान द्वारा विकसित किया गया था. अगर किसान इस किस्म को अपनाते हैं तो बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.
किस्म की खासियत
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अगर किसान भाई इस किस्म का चुनाव करते हैं तो इस किस्म से लगभग 81 टन प्रति हेक्टेयर की औसतन पैदावार प्राप्त कर सकते हैं, जो सामान्य किस्मों से अधिक है.
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इस किस्म की सबसे अहम खासियत यह है कि इसकी चीनी रिकवरी जो, लगभग 12% तक हो सकती है. इसके अलावा, यह किस्म पंजाब, हरियाणा, यूपी में चीनी मिलों की रिकवरी बढ़ाने में काफी मददगार रही.
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गन्ने की यह किस्म जल्दी पकने वाली किस्मों में आती है, जिससे किसान कम समय में काटकर अगली फसल लगाने की तैयारी कर सकते हैं.
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इस किस्म से बनने वाला गुड़ हल्का पीले रंग का और A1 गुणवत्ता का होता है, जो सेहत के लिए भी काफी लाभकारी होता है.
2. Co 05011 (करण-9)
गन्ने की इस किस्म से किसानों को बढ़िया उत्पादन मिल सकता है. इस किस्म में रोग लगने की संभावना कम होती है. इसके अलावा, इस किस्म में लाल सड़न और उकठा रोग का प्रकोप कम होता है. इसलिए गन्ने की किस्म बेहद खास है.
किस्म की खासियत
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किसान अगर गन्ने की सीओ 05011 (करण-9) किस्म को अपनाते हैं तो वह औसत उपज औसत पैदावार लगभग 75 से 85 टन प्रति हेक्टेयर तक पा सकते हैं.
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साथ ही गन्ने की यह किस्म किसानों को उच्च उत्पादन देने में भी सक्षम है. सही प्रबंधन के तहत किसान भाई 94 टन प्रति हेक्टेयर से अधिक उपज प्राप्त कर सकते हैं.
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गन्ने की यह किस्म मध्यम मोटाई वाली, लाल सड़न रोग (Red Rot) के प्रति मध्यम प्रतिरोधी और पेड़ी (Ratoon) के लिए बहुत उत्तम मानी जाती है.
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इसके अलावा, यह किस्म प्रमुख रूप से हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य उत्तर प्रदेश व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को अधिक उपज दें सकती है.
3. गन्ने की किस्म Co 16030 (करण-16)
गन्ने की किस्म Co 16030 (करण-16) एक उच्च उपज है, जिसे ICAR-गन्ना प्रजनन संस्थान, क्षेत्रीय केंद्र, करनाल द्वारा विकसित किया गया है. अगर किसान भाई इस किस्म का चुनाव करते हैं तो 94-95 टन-हेक्टेयर तक की उपज प्राप्त कर तगड़ी कमाई कर सकते हैं.
किस्म की खासियत
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गन्ने की किस्म Co 16030 करण-16 एक लाल सड़न (Red Rot) रोग के प्रति प्रतिरोधी नई किस्म है.
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यह किस्म उत्तर-पश्चिम भारत हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी किसानों के लिए सही विकल्प साबित हो सकती है.
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किसान भाई गन्ने की इस किस्म से 12वें महीने में लगभग 94-95 टन प्रति हेक्टेयर तक की उपज प्राप्त कर सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह