Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 2 January, 2023 4:52 PM IST
जुकिनी की खेती की संपूर्ण जानकारी
खेती में अब किसान अलग-अलग फसलों पर हाथ आजमा रहे हैंदेशी हो या विदेशी हर तरह की फसलों को उगाया जा रहा है. जुकिनी की खेती भारत के कुछ हिस्सों में ही की जाती है. इसे कहीं- कहीं पर चप्पन कद्दू के नाम से भी जाना जाता है. यह कद्दू एक विदेशी किस्म और गोल आकर की होती है. किसान इसकी खेती करके अच्छा पैसा कमा सकते है. जुकिनी की खेती पूरे साल और खुले खेत में की जाती है. इसकी फसल 60 -70 दिनों में पूरी तरह से पककर तैयार हो जाती है. यह कद्दू के पोषण से भरपूर होता है. साथ ही इसमें वसा भी भरपूर मात्रा में पाई जाती है. इसकी मांग ज्यादा है ऐसे में इसकी खेती कर मुनाफा कमा सकते हैं. 

बता दें इसके पौधे झाड़ियों के जैसे होते हैजिनकी लम्बाई 3 फीट तक होती है, जो हमारे शरीर में कई तरह के रोगों को खत्म करता है. इसलिए इसे खानें वाले लोग हमेशा इसे बाजारों में ढूंढते रहते है और इसकी मांग भी बाजारों में हमेशा रहती है. जुकिनी एक ऐसी सब्जी है जो खाने में स्वादिष्ट तो होती ही है साथ ही पौष्टिक भी होती है. इसमें पानी की मात्रा बहुत होती है. इसलिए इसे गर्मियों में खाना बहुत पसंद किया जाता है. इसे खाने से आंखों की परेशानीउम्र के कारण होने वाले दाग-धब्बेहड्डियों को मजबूत करनेबीपी नियंत्रणब्लड फ्लो बनाए रखने और टाइप-2 डायबीटीजपाचन आदि में मदद मिलती है. तो आइये जानते हैं इसकी खेती के बारे में..

जलवायु और मिट्टी  

जुकिनी गर्म जलवायु की फसल है. इसलिए इसकी खेती ज्यादा तापमान वाले क्षेत्रों में होती है. जहां तापमान 20-40 डिग्री सेल्सियस होती हैवहां खेती आसानी से की जा सकती है. ध्यान रखें जुकिनी की फसल ज्यादा ठंड और पाला सहन नहीं कर सकती है. खेती के लिए ज्यादा पोषक तत्वों वाली मिट्टी की जरुरत नहीं होतीफिर भी अच्छी और उपजाऊ मिट्टी में खेती की जाए तो उपज अच्छी मिलती है. दोमट मिट्टी का पीएच मान 6.5 के आसपास हो तो खेती बेहतर होती है.

मिट्टी जांच- 

जुकिनी की खेती के पहले मिट्टी की जांच जरूर करें. क्योंकि मिट्टी जांच के साथ ही पता चल जाएगा कि जुकिनी की खेती कैसे मिट्टी में की जा सकती है. इसके साथ ही यदि मिट्टी की जांच की जाए तो फसल अच्छी जरूर होगी.

ये भी पढ़ेंः एक ऐसी तिलहनी फसल, जिसकी है विदेश में भी डिमांड, 150 बरस तक देगी मुनाफा

खेत की तैयारी

जुकिनी की खेती के लिए खेत में अच्छी जुताई कर लेनी चाहिए. 3 से 4 बार जुताई करने से भूमि खेती के लिए अच्छी होती है.

सिंचाई

जुकिनी की बोवाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें. चूंकि यह ग्रीष्मकालीन फसल हैइसलिए हर हफ्ते इसे सिंचाई की जरूरत पड़ती है और यदि आप दूसरे मौसम में खेती करना चाहते हैं तो इसे पाले से जरूर बचाएं.

English Summary: The demand for this foreign crop in the country, which will make the farmers rich!
Published on: 02 January 2023, 05:10 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now